पटना: बिहार मंत्रिपरिषद की बैठक में गुरुवार को न्याय, स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल और राष्ट्रहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के तहत लंबित मामलों के त्वरित निपटारे के लिए राज्य के 19 जिलों में 19 अतिरिक्त अनन्य विशेष न्यायालयों की स्थापना को स्वीकृति दी। इन न्यायालयों के सुचारु संचालन के लिए जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश न्यायालयों में अराजपत्रित कोटि के 171 नए पदों के सृजन को भी मंजूरी दी गई।
स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार ने पीपीपी मॉडल के तहत राज्य के 16 चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पतालों (डेंटल कॉलेज सहित) के संचालन के लिए ट्रांजैक्शन एडवाइजर के रूप में पीडब्ल्यूसी की नियुक्ति को प्रशासनिक स्वीकृति दी। सरकार का मानना है कि इससे बिहार में आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा।
शिक्षा के क्षेत्र में पूर्वी चंपारण के पीपराकोठी स्थित सरकारी भूमि को केंद्रीय विद्यालय संचालन के लिए भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय को 30 वर्षों की लीज (नवीकरण विकल्प सहित) पर उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। वहीं, खेलों को बढ़ावा देने के लिए राज्य खेल अकादमी, राजगीर में अत्याधुनिक “स्पोर्ट्स साइंस सेंटर” (हाई परफॉर्मेंस ट्रेनिंग एवं इंजरी सेंटर) की स्थापना, संचालन और आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था को भी मंजूरी मिली।

इसके अलावा, कैबिनेट ने हर घर तिरंगा अभियान-2026 के सफल आयोजन के लिए भी स्वीकृति प्रदान की। सरकार का कहना है कि यह अभियान राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता और तिरंगे के प्रति सम्मान की भावना को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
@MUSKAN KUMARI






