दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह को महिला पहलवानों द्वारा दर्ज कराए गए यौन उत्पीड़न मामले में सभी आरोपों से बरी कर दिया है। अदालत ने इस मामले में सह-आरोपी और WFI के निलंबित सहायक सचिव विनोद तोमर को भी दोषमुक्त करार दिया। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) अश्विनी पंवार ने सोमवार को यह फैसला सुनाया। हालांकि, अदालत का विस्तृत आदेश अभी जारी होना बाकी है।
यह मामला उस समय राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया था, जब कई महिला पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न और धमकाने के आरोप लगाए थे। दिल्ली पुलिस ने 15 जून 2023 को इस मामले में आरोपपत्र दाखिल किया था। आरोपपत्र में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 354, 354A, 354D और 506 के तहत आरोप लगाए गए थे।

मई 2024 में अदालत ने छह महिला पहलवानों की शिकायत के आधार पर बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया था। हालांकि, छह शिकायतकर्ताओं में से एक की शिकायत में उन्हें पहले ही आरोपमुक्त कर दिया गया था।
फैसले के बाद बृजभूषण शरण सिंह ने इसे अपने और अपने समर्थकों के लिए खुशी का दिन बताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने शुरू से ही अपनी बेगुनाही का दावा किया था और अब अदालत ने उन्हें सम्मानपूर्वक बरी कर दिया है।
इस फैसले के साथ लंबे समय से चर्चित यह मामला फिलहाल समाप्त हो गया है। अब सभी की नजर अदालत के विस्तृत आदेश पर है, जिसमें फैसले के कानूनी आधार और तर्क स्पष्ट किए जाएंगे।
@MUSKAN KUMARI





