पटना। बिहार में सड़क और एक्सप्रेसवे परियोजनाओं का जाल तेजी से बिछाया जा रहा है। करीब 2.11 लाख करोड़ रुपये की लागत वाली इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं से राज्य में व्यापार, पर्यटन, उद्योग और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। सरकार का दावा है कि आने वाले वर्षों में बिहार देश के सबसे तेज़ी से विकसित होने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर राज्यों में शामिल होगा।
रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेसवे उत्तर बिहार को सीधे हल्दिया बंदरगाह से जोड़ेगा। इससे मखाना, लीची और अन्य कृषि उत्पादों के निर्यात को बड़ी गति मिलेगी। इस परियोजना के पूरा होने के बाद रक्सौल से हल्दिया तक का सफर 20 घंटे से घटकर लगभग 11 घंटे रह जाएगा।
पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे सीमांचल और कोसी क्षेत्र के लिए विकास की नई राह खोलेगा। इसके बनने के बाद पटना से पूर्णिया की दूरी मात्र 3 घंटे में पूरी की जा सकेगी। माना जा रहा है कि इससे सीमांचल क्षेत्र में निवेश और उद्योग को बढ़ावा मिलेगा।
पटना-आरा-सासाराम हाईवे से भोजपुर और रोहतास क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। इस हाईवे के निर्माण के बाद पटना से सासाराम की यात्रा केवल 2 घंटे में पूरी हो सकेगी।

आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे उत्तर और दक्षिण बिहार को सीधे जोड़ने वाली महत्वपूर्ण परियोजना मानी जा रही है। यह एक्सप्रेसवे 8 जिलों को जोड़ते हुए व्यापार और उद्योग को नई रफ्तार देगा। गया से दरभंगा की दूरी घटकर लगभग 4 घंटे रह जाएगी।
राजधानी पटना को ट्रैफिक जाम से राहत देने के लिए 150 किलोमीटर लंबा पटना रिंग रोड बनाया जा रहा है। यह सिग्नल-फ्री नेटवर्क बाहरी वाहनों को शहर में प्रवेश किए बिना आगे बढ़ने की सुविधा देगा।
वहीं, बिदुपुर-दिघवारा एक्सप्रेसवे के तहत गंगा के उत्तरी किनारे पर 56 किलोमीटर लंबा मरीन ड्राइव तैयार किया जा रहा है। यह परियोजना बाढ़ नियंत्रण के साथ-साथ पर्यटन को भी बढ़ावा देगी।
पटना-बेतिया फोरलेन परियोजना से उत्तर बिहार की यात्रा और आसान होगी। इसके पूरा होने के बाद पटना से बेतिया का सफर लगभग 3 घंटे में पूरा किया जा सकेगा और गांधी सेतु पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा।
इसके अलावा कोइलवर से बक्सर तक बनने वाला विश्वामित्र पथ बाढ़ सुरक्षा और तेज यातायात दोनों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।
इन सभी परियोजनाओं को बिहार के विकास की नई पहचान माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर सड़क नेटवर्क से राज्य में औद्योगिक निवेश बढ़ेगा और बिहार की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
@MUSKAN KUMARI






