देश की राजनीति और न्यायिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बने IRCTC मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आज बड़ा फैसला आने जा रहा है। राउज एवेन्यू कोर्ट इस हाई-प्रोफाइल केस में अहम निर्णय सुनाने वाली है, जिस पर राजनीतिक दलों और आम जनता की नजरें टिकी हुई हैं।
इस मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी तथा नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव समेत कई अन्य आरोपी जांच एजेंसियों के दायरे में हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इन सभी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के तहत चार्जशीट दाखिल की थी।
मामले की पिछली सुनवाई 6 मई को हुई थी, जहां अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब आज आने वाला फैसला केस की आगे की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है।

जांच एजेंसियों के मुताबिक यह मामला उस दौर से जुड़ा है जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे। आरोप है कि Indian Railway Catering and Tourism Corporation (IRCTC) के तहत रांची और पुरी स्थित दो होटलों के संचालन और टेंडर प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं की गईं। आरोपों के अनुसार, निजी कंपनियों को नियमों को नजरअंदाज कर लीज दी गई, जिससे कथित आर्थिक लाभ पहुंचाया गया।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अदालत में दावा किया है कि उसके पास मामले से जुड़े पर्याप्त दस्तावेज और मजबूत सबूत मौजूद हैं। एजेंसी के अनुसार जांच के दौरान कई ऐसे रिकॉर्ड मिले हैं जो आरोपों को और मजबूत करते हैं।
इससे पहले अदालत अपने एक आदेश में यह टिप्पणी कर चुकी है कि टेंडर प्रक्रिया में साजिश और हस्तक्षेप के संकेत मिले हैं। कोर्ट ने माना था कि मामला केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं बल्कि एक सुनियोजित प्रक्रिया का हिस्सा प्रतीत होता है।
हालांकि लालू प्रसाद यादव और उनका परिवार लगातार इन आरोपों को खारिज करता रहा है। उनका कहना है कि यह पूरा मामला राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित है और उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है।
अब पूरे देश की नजरें अदालत के आज के फैसले पर टिकी हैं, जो न केवल इस केस की दिशा तय करेगा बल्कि बिहार और राष्ट्रीय राजनीति के समीकरणों पर भी असर डाल सकता है।
@MUSKAN KUMARI






