एशियन टाइम्स स्पेशल रिपोर्ट
रिपोर्ट: तनवीर आलम शेख
NEET फर्जीवाड़ा: दिल्ली से RJD नेता की गिरफ्तारी, बिहार से दिल्ली तक फैला ‘सॉल्वर गैंग’ का नेटवर्क
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET को लेकर एक बार फिर बड़ा खुलासा सामने आया है। दिल्ली पुलिस ने NEET फर्जीवाड़ा मामले में RJD से जुड़े नेता संतोष जायसवाल को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक उसकी निशानदेही पर एक होटल से करीब 20 छात्रों को मुक्त कराया गया, जिन्हें कथित तौर पर परीक्षा रैकेट के तहत रखा गया था। इस मामले में संतोष जायसवाल समेत चार लोगों की गिरफ्तारी हुई है।
जांच एजेंसियों का दावा है कि यह कोई छोटा गैंग नहीं बल्कि बिहार से लेकर दिल्ली तक फैला एक संगठित नेटवर्क है, जो मेडिकल परीक्षाओं में सेटिंग, सॉल्वर और सीट दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये का खेल करता था।
मोतिहारी से दिल्ली तक का सफर
सूत्रों के अनुसार संतोष जायसवाल बिहार के मोतिहारी का रहने वाला है। बताया जा रहा है कि उसके पिता कभी एक सिनेमा हॉल में ऑपरेटर का काम करते थे, लेकिन आज संतोष दिल्ली के पॉश इलाके ईस्ट ऑफ कैलाश में आलीशान जिंदगी जी रहा था। जांच एजेंसियां अब उसकी संपत्तियों और आर्थिक स्रोतों की भी पड़ताल कर रही हैं।
कैसे चलता था ‘इंजन-बोगी’ मॉडल?
जांच में सामने आया है कि मेडिकल परीक्षा माफिया वर्षों से एक खास सिस्टम का इस्तेमाल करते थे, जिसे ‘इंजन-बोगी मॉडल’ कहा जाता था।
‘इंजन’ मतलब सॉल्वर या स्कॉलर छात्र
‘बोगी’ मतलब वह अभ्यर्थी जो पैसे देकर परीक्षा पास करना चाहता था
उम्मीदवारों के आवेदन इस तरह कराए जाते थे कि उनके रोल नंबर आसपास आएं और परीक्षा केंद्र में सीटें भी पास-पास मिलें। इसके बाद ‘इंजन’ पीछे या आगे बैठकर इशारों या अन्य तरीकों से उत्तर बताता था।
सूत्रों का दावा है कि परीक्षा से पहले होटल या लॉज में छात्रों को रोका जाता था और उन्हें विशेष तैयारी कराई जाती थी। पुलिस द्वारा छुड़ाए गए छात्रों से अब पूछताछ जारी है।
राजनीति और शिक्षा माफिया का कनेक्शन?
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या शिक्षा माफिया और राजनीति के बीच कोई मजबूत गठजोड़ है? क्योंकि गिरफ्तार आरोपी का राजनीतिक संबंध सामने आने के बाद विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।
हालांकि अभी तक किसी बड़े राजनीतिक दल की आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन सोशल मीडिया पर यह मामला तेजी से चर्चा में है।
छात्रों और अभिभावकों में गुस्सा
NEET जैसी परीक्षा लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी होती है। ऐसे में फर्जीवाड़े की खबरों ने मेहनत करने वाले छात्रों और अभिभावकों में भारी नाराजगी पैदा कर दी है। कई छात्रों ने मांग की है कि परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाया जाए।
जांच एजेंसियों की बड़ी कार्रवाई संभव
दिल्ली पुलिस और अन्य एजेंसियां अब इस नेटवर्क के बिहार, यूपी और दिल्ली कनेक्शन की जांच कर रही हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कई और बड़े नाम सामने आ सकते हैं। होटल बुकिंग, बैंक ट्रांजैक्शन और मोबाइल कॉल डिटेल्स की भी जांच शुरू हो चुकी है।
सवाल जो अब भी बाकी हैं
क्या यह नेटवर्क कई वर्षों से सक्रिय था?
कितने छात्रों से करोड़ों की वसूली हुई?
क्या इसमें और राजनीतिक चेहरे शामिल हैं?
क्या केवल NEET या अन्य परीक्षाओं में भी यही मॉडल चलता था?
देशभर के छात्र अब जवाब चाहते हैं, क्योंकि यह मामला सिर्फ एक परीक्षा घोटाले का नहीं बल्कि शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता का भी है।
Author: Noida Desk
मुख्य संपादक (Editor in Chief)






