पटना, विशेष संवाददाता:
बिहार विधानसभा के एकदिवसीय विशेष सत्र की कार्यवाही शुक्रवार को शुरू होते ही राजनीतिक माहौल गरमा गया। सत्र में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की ओर से विश्वास मत प्रस्ताव पेश किया गया। प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, डिप्टी सीएम समेत कई विधायकों के संबोधन के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सदन को संबोधित किया और विपक्ष पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव का नाम लेते हुए तेजस्वी यादव पर निशाना साधा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वे किसी “पाठशाला” से नहीं, बल्कि बिहार की जनता के आशीर्वाद से इस पद तक पहुंचे हैं। तेजस्वी यादव के तंज का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का पद किसी की बपौती नहीं होता और लोकतंत्र में सत्ता जनता तय करती है, न कि कोई परिवार।
सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि “एक व्यक्ति या परिवार की नहीं, बल्कि 14 करोड़ बिहारियों के आशीर्वाद से मैं यहां बैठा हूं।” उन्होंने आगे कहा कि उन्हें नीतीश कुमार, नरेंद्र मोदी, नितिन नवीन, चिराग पासवान, उपेंद्र कुशवाहा और जीतन राम मांझी सहित कई नेताओं का समर्थन प्राप्त है।
मुख्यमंत्री ने अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने संघर्ष से राजनीति की शुरुआत की। उन्होंने आरोप लगाया कि लालू यादव के शासनकाल में उन्हें और उनके परिवार को जेल जाना पड़ा था। उन्होंने कहा कि अगर वह दौर नहीं आता, तो शायद वे राजनीति में नहीं आते।
अपने संबोधन में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की भूमिका को भी रेखांकित किया और कहा कि पार्टी ने उन्हें प्रदेश अध्यक्ष, उपमुख्यमंत्री और अब मुख्यमंत्री बनने का अवसर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है और किसी तरह की गलतफहमी में रहने की जरूरत नहीं है।
सत्र के दौरान विश्वास मत पर मतदान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सरकार की स्थिति स्पष्ट होगी, जिस पर पूरे राज्य की नजरें टिकी हुई हैं।
@MUSKAN KUMARI







