पटना:
बिहार सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के तबादलों पर बड़ा फैसला लेते हुए मार्च 2027 तक रोक लगा दी है। यह निर्णय जनगणना कार्य को सुचारु रूप से पूरा कराने के उद्देश्य से लिया गया है, जिससे प्रशासनिक स्तर पर निरंतरता बनी रहे।
राज्य के Revenue and Land Reforms Department Bihar ने केंद्र सरकार के निर्देश के बाद सभी जिलों को इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। यह रोक उन अधिकारियों और कर्मचारियों पर विशेष रूप से लागू होगी, जो सीधे तौर पर जनगणना कार्य से जुड़े हैं।
जनगणना को लेकर सख्त तैयारी
देशभर में 1 अप्रैल 2026 से जनगणना की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। बिहार में स्वगणना का चरण 17 अप्रैल से 1 मई 2026 तक चलेगा, जिसमें लोग ऑनलाइन पोर्टल के जरिए अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद 2 मई से 31 मई तक प्रगणक घर-घर जाकर डेटा का सत्यापन करेंगे और मकानों की सूची तैयार करेंगे।
2027 में होगा अहम चरण
जनगणना का दूसरा और महत्वपूर्ण चरण 2027 में आयोजित होगा। 9 फरवरी से 27 फरवरी के बीच प्रगणक विस्तृत सर्वे करेंगे, जिसमें प्रत्येक परिवार के सदस्यों की जानकारी जुटाई जाएगी। इस बार की जनगणना में पहली बार जातीय आंकड़ों का भी संग्रह किया जाएगा और पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संपन्न होगी।
क्यों लिया गया फैसला
राज्य सरकार का मानना है कि जनगणना जैसे बड़े और संवेदनशील कार्य को सफल बनाने के लिए कर्मचारियों की स्थिरता आवश्यक है। जिलास्तरीय समितियों का गठन और कर्मचारियों के प्रशिक्षण पहले ही पूरे किए जा चुके हैं। ऐसे में ट्रांसफर पर रोक लगाकर प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने की कोशिश की गई है।
@MUSKAN KUMARI







