एशियन टाइम्स | विशेष रिपोर्ट
लखनऊ, प्रतिनिधि:
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित विशेष PMLA अदालत ने सहारनपुर के चर्चित खनन माफिया एवं पूर्व एमएलसी मोहम्मद इकबाल उर्फ बाला को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया है। अदालत के इस महत्वपूर्ण आदेश के बाद प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने आरोपी की लगभग 995.75 करोड़ रुपये की संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया तेज कर दी है।
अदालत ने यह कार्रवाई Fugitive Economic Offenders Act, 2018 के तहत की है, जिसके अंतर्गत ऐसे आरोपियों को भगोड़ा घोषित किया जाता है जो आर्थिक अपराध करने के बाद देश छोड़कर फरार हो जाते हैं और न्यायिक प्रक्रिया से बचते हैं।
दुबई में छिपा आरोपी, जांच से लगातार बचता रहा
ED की जांच में यह स्पष्ट हुआ कि मोहम्मद इकबाल लंबे समय से फरार है और वर्तमान में दुबई में रह रहा है। जांच एजेंसी द्वारा कई बार समन जारी किए जाने के बावजूद वह पूछताछ के लिए उपस्थित नहीं हुआ।
अधिकारियों के अनुसार, आरोपी ने जानबूझकर देश छोड़कर न्यायिक कार्रवाई से बचने की कोशिश की, जिसके चलते अदालत को यह कड़ा कदम उठाना पड़ा।
शेल कंपनियों के जरिए चीनी मिलों की खरीद में अनियमितता
जांच एजेंसियों ने अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया है कि मोहम्मद इकबाल और उसके सहयोगियों ने शेल कंपनियों का सहारा लेकर उत्तर प्रदेश की 7 चीनी मिलों की खरीद में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं कीं।
इन सौदों में:
फर्जी कंपनियों का इस्तेमाल किया गया
बाजार मूल्य से बेहद कम कीमत पर संपत्तियां खरीदी गईं
लेनदेन में पारदर्शिता नहीं रखी गई
ED के अनुसार, यह पूरा मामला मनी लॉन्ड्रिंग के दायरे में आता है और इसमें अवैध धन को वैध बनाने की कोशिश की गई।
अवैध खनन नेटवर्क का खुलासा
सहारनपुर क्षेत्र में अवैध खनन के मामलों में भी मोहम्मद इकबाल की संलिप्तता सामने आई है। जांच में पाया गया कि खनन पट्टे अन्य व्यक्तियों के नाम पर लिए गए थे, जबकि उनका वास्तविक संचालन इकबाल के नियंत्रण में किया जा रहा था।
इस तरीके से लंबे समय तक अवैध खनन गतिविधियों को अंजाम दिया गया और भारी आर्थिक लाभ अर्जित किया गया।
पहले भी कुर्क हो चुकी हैं कई संपत्तियां
प्रवर्तन निदेशालय ने जांच के दौरान आरोपी की कई संपत्तियों को पहले ही कुर्क कर लिया था। इनमें करोड़ों रुपये की चल-अचल संपत्तियों के साथ एक निजी यूनिवर्सिटी भी शामिल है।
एजेंसी का कहना है कि ये सभी संपत्तियां “अपराध से अर्जित धन” (Proceeds of Crime) से जुड़ी हुई हैं और इन्हें कानून के तहत जब्त किया जाना आवश्यक है।
अदालत का सख्त रुख, कानून से भागना नहीं होगा आसान
विशेष अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि आरोपी ने जांच से बचने के उद्देश्य से देश छोड़ा और बार-बार बुलाए जाने के बावजूद उपस्थित नहीं हुआ। ऐसे में उसे भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करना और उसकी संपत्तियों को जब्त करना न्यायोचित है।
यह फैसला आर्थिक अपराधों के खिलाफ सरकार की सख्त नीति को दर्शाता है और यह संकेत देता है कि कानून से बचकर विदेश भागना अब आसान नहीं रहा।
(एशियन टाइम्स के लिए विशेष रिपोर्ट
Source: ED Investigation Report | PMLA Court Lucknow | ANI/PTI
Author: Noida Desk
मुख्य संपादक (Editor in Chief)







