मुजफ्फरपुर।
मुजफ्फरपुर रेलवे स्टेशन पर नशाखुरानी गिरोह का खौफनाक खेल आखिरकार बेनकाब हो गया है। जीआरपी पुलिस ने एक शातिर पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है, जो अपने मासूम बच्चे को ढाल बनाकर यात्रियों को निशाना बनाते थे।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पंकज कुमार और उसकी पत्नी संयोगिता कुमारी के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, दोनों लंबे समय से सुनियोजित तरीके से इस अपराध को अंजाम दे रहे थे। इनका तरीका बेहद चालाकी भरा था—पहले ये स्टेशन पर यात्रियों से दोस्ती और सहानुभूति का रिश्ता बनाते, फिर उन्हें कोल्ड ड्रिंक ऑफर करते। उसी पेय में नशीला पदार्थ मिलाकर यात्रियों को बेहोश कर दिया जाता और उनके गहने व सामान लेकर फरार हो जाते।
इस पूरे मामले का खुलासा 21 मार्च को हुआ, जब जीआरपी को प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर एक महिला बेहोशी की हालत में मिली। उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। होश में आने पर महिला, सुगिया देवी ने बताया कि एक दंपति ने अपने बच्चे के साथ मिलकर उसे झांसे में लिया और नशीला पेय पिलाकर उसका जितिया चैन लूट लिया।
महिला के बयान के बाद पुलिस ने स्टेशन पर लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें आरोपी दंपति अपने बच्चे के साथ प्लेटफॉर्म नंबर-6 पर संदिग्ध गतिविधियों में नजर आए। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से सोना तौलने वाला छोटा तराजू, एक टैब और लोहे का कटर बरामद हुआ, जो वारदात में इस्तेमाल किए जाते थे। पूछताछ में दोनों ने कबूल किया कि वे लंबे समय से इस गिरोह को चला रहे थे और कई यात्रियों को अपना शिकार बना चुके हैं।
रेल डीएसपी रोशन कुमार गुप्ता ने बताया कि गिरोह बेहद संगठित तरीके से काम करता था। फिलहाल पुलिस इनके नेटवर्क की गहन जांच में जुटी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह के तार और कहां तक फैले हैं।
इस गिरफ्तारी से यात्रियों को राहत जरूर मिली है, लेकिन रेलवे प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सफर के दौरान अनजान लोगों से खाने-पीने की चीजें न लें और सतर्क रहें।
@MUSKAN KUMARI






