गुजरात विधानसभा में यूसीसी बिल पास, उत्तराखंड के बाद दूसरा राज्य बना गुजरात

गांधीनगर

गुजरात विधानसभा में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) बिल पास हो गया है, जिससे राज्य देश का दूसरा ऐसा प्रदेश बन गया है जिसने इस कानून को लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। इससे पहले उत्तराखंड इस कानून को पारित कर चुका है।

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा ने बुधवार को कहा कि यह फैसला किसी जल्दबाजी में नहीं, बल्कि पार्टी की पुरानी विचारधारा और लंबे संघर्ष का परिणाम है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी और भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में यह कदम ‘एक राष्ट्र, एक कानून’ के सिद्धांत को मजबूत करने की दिशा में अहम पहल है।

यूसीसी लागू होने के बाद शादी, विरासत, गोद लेने, तलाक, संपत्ति के अधिकार और अभिभावकता जैसे निजी मामलों में सभी समुदायों के लिए एक समान कानूनी ढांचा लागू होगा। अब तक इन विषयों पर धर्म और परंपराओं के आधार पर अलग-अलग कानून लागू थे।

महिलाओं के अधिकारों के लिए अहम कदम

जगदीश विश्वकर्मा ने इस फैसले को खासकर महिलाओं के लिए ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि यह कानून महिलाओं को समान अधिकार दिलाने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने 1952 में भारतीय जनसंघ द्वारा लिए गए संकल्पों का जिक्र करते हुए कहा कि अनुच्छेद 370 हटाना, अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और यूसीसी लागू करना पार्टी की प्रमुख प्राथमिकताएं रही हैं, जिनमें अब अधिकांश पूरे हो चुके हैं।

विपक्ष पर साधा निशाना

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने विपक्षी दलों पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने वर्षों तक वोट बैंक और तुष्टीकरण की राजनीति के चलते यूसीसी का विरोध किया। उन्होंने कहा कि यह कानून बिना किसी भेदभाव के हर नागरिक को समान अधिकार देता है और संविधान के अनुच्छेद 44 की भावना को साकार करता है।

राज्य सरकार ने इसे ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका न्याय’ के संकल्प को पूरा करने की दिशा में बड़ा कदम बताया है। सरकार का मानना है कि यूसीसी लागू होने से कानूनी व्यवस्था में समानता आएगी और समाज में न्याय का दायरा और व्यापक होगा।

@MUSKAN KUMARI

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Author: NCRLOCALDESK

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