जंग के बीच क्यों टूटा सोना? सुरक्षित निवेश का ‘सहारा’ इस बार क्यों हुआ कमजोर

डॉलर की मजबूती, बढ़ती ब्याज दरें और प्रॉफिट बुकिंग ने गिराई कीमतें; निवेशकों की रणनीति में बड़ा बदलाव

वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के दौर में आमतौर पर सोना निवेशकों के लिए सबसे सुरक्षित ठिकाना माना जाता है, लेकिन इस बार तस्वीर उलट गई है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बावजूद सोने और चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई है।

इस सप्ताह सोने की कीमतों में करीब 11% की गिरावट आई है, जो 1983 के बाद की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट मानी जा रही है। जंग शुरू होने के बाद से अब तक सोना कुल मिलाकर 14% से अधिक टूट चुका है, जिसने बाजार के जानकारों को भी चौंका दिया है।

क्यों टूटा ‘सेफ हेवन’ सोना?

1. कच्चे तेल में उछाल और महंगाई का डर

वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखा गया है। ब्रेंट क्रूड लगभग 40% बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है। इससे महंगाई बढ़ने का खतरा गहरा गया है, जिसके चलते दुनिया भर के केंद्रीय बैंक सख्त रुख अपना रहे हैं।

2. फेडरल रिजर्व का सख्त रुख

अमेरिकी केंद्रीय बैंक समेत अन्य देशों के सेंट्रल बैंक ब्याज दरों को ऊंचा बनाए रखने के संकेत दे रहे हैं। जब ब्याज दरें अधिक होती हैं, तो निवेशक सोने की बजाय बॉन्ड और अन्य निश्चित आय वाले विकल्पों को प्राथमिकता देते हैं, जिससे सोने की मांग घटती है।

3. डॉलर की मजबूती

अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में करीब 2% की तेजी ने भी सोने पर दबाव बढ़ाया है। चूंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत डॉलर में तय होती है, इसलिए डॉलर मजबूत होने पर अन्य देशों के लिए सोना महंगा हो जाता है और मांग कम हो जाती है।

4. भारी प्रॉफिट बुकिंग

साल 2025 में सोने ने करीब 64% का शानदार रिटर्न दिया था और जनवरी 2026 में यह 5000 डॉलर प्रति औंस के ऐतिहासिक स्तर तक पहुंच गया था। इतनी तेज़ी के बाद निवेशकों ने बड़े पैमाने पर मुनाफावसूली (प्रॉफिट बुकिंग) शुरू कर दी, जिससे कीमतों में गिरावट और तेज हो गई।

भारतीय बाजार पर असर

भारतीय बाजार में भी इसका सीधा असर देखने को मिला है। इंडियन बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार 24 कैरेट सोना करीब 1.47 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया है। वहीं चांदी की कीमत भी गिरकर लगभग 2.32 लाख रुपये प्रति किलो के आसपास पहुंच गई है।

तनिष्क और कल्याण ज्वेलर्स जैसे प्रमुख ब्रांड्स पर 22 कैरेट सोने के भाव में भी गिरावट दर्ज की गई है।

खरीदारी से पहले क्या रखें ध्यान?

कीमतों में गिरावट के बीच अगर आप सोना खरीदने की सोच रहे हैं, तो गुणवत्ता से समझौता न करें। ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) द्वारा प्रमाणित हॉलमार्क ज्वेलरी ही खरीदें।

हॉलमार्क के तीन प्रमुख चिन्ह होते हैं—

BIS लोगो

कैरेट के अनुसार शुद्धता

6 अंकों का HUID नंबर

ग्राहक BIS Care App के जरिए इस HUID नंबर को सत्यापित कर सकते हैं।

@MUSKAN KUMARI

NCRLOCALDESK
Author: NCRLOCALDESK

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