मुंद्रा और वाडीनार पोर्ट पर पहुंचीं खेप, सरकार ने तेज की आपूर्ति व्यवस्था
नई दिल्ली/गांधीनगर:
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बावजूद भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। कच्चा तेल और एलपीजी लेकर आए भारतीय ध्वज वाले टैंकर सुरक्षित रूप से गुजरात के बंदरगाहों तक पहुंच गए हैं, जिससे देश की ऊर्जा आपूर्ति को लेकर तत्काल राहत मिली है।
गुजरात के मुंद्रा पोर्ट स्थित अदाणी पोर्ट्स पर भारतीय टैंकर ‘जग लाडकी’ कच्चा तेल लेकर पहुंचा। यह जहाज संयुक्त अरब अमीरात के फुजैराह बंदरगाह से करीब 80,886 मीट्रिक टन कच्चा तेल लेकर आया था। खास बात यह रही कि जहाज उसी दिन रवाना हुआ था, जिस दिन फुजैराह के तेल टर्मिनल पर हमला हुआ था। इससे पहले ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ भी सुरक्षित भारत पहुंच चुके हैं।
यह टैंकर दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर भारत पहुंचा, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है।
वहीं, एलपीजी टैंकर ‘नंदा देवी’ करीब 46,500 मीट्रिक टन गैस लेकर वाडीनार पोर्ट पहुंचा, जहां शिप-टू-शिप (STS) ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू की गई है। इस प्रक्रिया के तहत गैस को ‘MT BW Birch’ जहाज में ट्रांसफर किया जाएगा, जिससे देश में एलपीजी आपूर्ति और मजबूत होगी।
इस दौरान दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी के चेयरमैन सुशील कुमार सिंह ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और ट्रांसफर प्रक्रिया की समीक्षा की।
सरकार सतर्क, बंदरगाहों को विशेष निर्देश
सरकार ने सभी प्रमुख बंदरगाहों को जहाजों की आवाजाही पर कड़ी नजर रखने और कार्गो संचालन में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत एंकरिज, बर्थ हायर और स्टोरेज शुल्क में रियायत दी जा रही है। साथ ही जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी में अस्थायी ट्रांसशिपमेंट की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
उधर, एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश के बाद एचपीसीएल मित्तल एनर्जी (बठिंडा) और रिलायंस रिफाइनरी (जामनगर) ने रेल रेक्स की अतिरिक्त मांग की है, ताकि देशभर में गैस की आपूर्ति तेजी से सुनिश्चित की जा सके।
क्यों अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में शामिल है। वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। ऐसे में यहां किसी भी तरह का तनाव वैश्विक ऊर्जा बाजार पर असर डाल सकता है। भारत भी अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए इस मार्ग पर काफी हद तक निर्भर है।
@MUSKAN KUMARI






