मोकामा में बेलगाम अफसरशाही और सरकारी कर्मचारियों की कथित अकर्मण्यता के विरोध में सामाजिक कार्यकर्ता चंदन कुमार ने सोमवार को प्रखंड कार्यालय परिसर में एक दिवसीय मौन सत्याग्रह किया। सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक चले इस सत्याग्रह के जरिए उन्होंने उच्चाधिकारियों के आदेशों का स्थानीय स्तर पर पालन नहीं होने का मुद्दा उठाया।
मौन सत्याग्रह शुरू करने से पहले चंदन कुमार ने प्रशासनिक अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जिलाधिकारी पटना और अनुमंडल पदाधिकारी बाढ़ के कई निर्देशों के बावजूद पिछले 6–7 वर्षों से मोकामा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उनका कहना है कि उच्च अधिकारियों के आदेशों को जमीन पर लागू कराने के उद्देश्य से ही यह मौन सत्याग्रह किया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार जहां सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए अभियान चला रही है, वहीं मोकामा में वरीय अधिकारियों के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही। विशेष रूप से नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 18 स्थित श्री कृष्ण गौशाला का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 1913 में स्थापित और 1952 में राज्य सरकार से निबंधित इस परिसर की नापी को लेकर दिए गए आदेश भी कथित तौर पर लंबित हैं।
इसके अलावा वार्ड संख्या 15 स्थित श्री नरसिंह भगवान ठाकुरबाड़ी को भूमाफियाओं से सुरक्षित करने और वार्ड 13, 14 व 15 की गैर मजरूआ आम भूमि की मापी कर अतिक्रमण हटाने के आदेशों के समर्थन में भी यह मौन सत्याग्रह किया गया।
चंदन कुमार ने कहा कि गौशाला, ठाकुरबाड़ी और गैर मजरूआ आम भूमि से जुड़े मामलों में उच्चाधिकारियों के कई आदेश जारी होने के बावजूद स्थानीय स्तर पर उन्हें जानबूझकर लंबित रखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि उच्चाधिकारियों का ध्यान आकृष्ट करने और जनहित से जुड़े कार्यों को जमीन पर लागू कराने के लिए यह शांतिपूर्ण विरोध आयोजित किया गया है।
@MUSKAN KUMARI






