Neha Bora कौन हैं? 23 दिन की भूख हड़ताल से राष्ट्रीय पहचान तक का सफर

नेहा बोरा कौन हैं? छात्र आंदोलनों से जंतर-मंतर तक चर्चा में आईं AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष

नई दिल्ली। छात्र आंदोलनों और हालिया राजनीतिक विरोध प्रदर्शनों के बीच नेहा बोरा का नाम राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया है। नेहा बोरा ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) की PhD शोधार्थी हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार उनकी उम्र करीब 29 वर्ष है और वह उत्तराखंड के खटीमा क्षेत्र से आती हैं। वह JNU में थिएटर एंड परफॉर्मेंस स्टडीज में शोध कर रही हैं।

23 दिन की भूख हड़ताल से मिली राष्ट्रीय पहचान

नेहा बोरा उस समय व्यापक रूप से चर्चा में आईं, जब उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के साथ 23 दिनों तक भूख हड़ताल में हिस्सा लिया। यह आंदोलन परीक्षा व्यवस्था और कथित परीक्षा अनियमितताओं जैसे मुद्दों को लेकर था।

इस आंदोलन के बाद नेहा बोरा छात्र अधिकारों और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े विरोध प्रदर्शनों का एक प्रमुख चेहरा बनकर सामने आईं।

झारखंड में JPSC-JSSC मुद्दे पर प्रदर्शन

अगस्त 2026 में नेहा बोरा झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन में शामिल हुईं। रांची में छात्रों और विभिन्न छात्र संगठनों ने JPSC और JSSC से संबंधित परीक्षा प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए थे।

7 अगस्त को बिरसा चौक से झारखंड विधानसभा की ओर निकाले गए मार्च के दौरान नेहा बोरा पर कथित तौर पर स्याही फेंकी गई। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया था।

इस घटना के बाद नेहा बोरा ने प्रदर्शन जारी रखने की बात कही और छात्रों की मांगों का समर्थन किया। बाद में रांची की एक अदालत ने स्याही फेंकने के आरोपी अमरनाथ पांडेय को जमानत दे दी।

दिल्ली के जंतर-मंतर प्रदर्शन में भी हिरासत

अक्टूबर 2026 में चुनावी मतदाता सूची में Special Intensive Revision (SIR) को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन में भी नेहा बोरा शामिल हुईं।

रिपोर्टों के अनुसार प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया, जिनमें नेहा बोरा का नाम भी शामिल था। इस प्रदर्शन में योगेंद्र यादव समेत कई अन्य सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ता भी मौजूद थे।

AISA की ओर से यह दावा भी किया गया कि नेहा बोरा को पुलिस एक निजी वाहन में लेकर गई। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस की विस्तृत प्रतिक्रिया को लेकर अलग-अलग रिपोर्टें सामने आई हैं।

परिवार से अलग राजनीतिक विचार रखने की बात

नेहा बोरा ने एक मीडिया इंटरव्यू में कहा था कि उनके राजनीतिक विचार उनके परिवार के विचारों से अलग हैं, लेकिन वह अपने राजनीतिक विश्वासों पर कायम हैं। उनके सार्वजनिक बयानों और गतिविधियों में छात्र अधिकार, शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा पारदर्शिता और लोकतांत्रिक अधिकार प्रमुख मुद्दे रहे हैं।

कौन हैं नेहा बोरा?

नेहा बोरा की पहचान फिलहाल मुख्य रूप से एक छात्र नेता, AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष और JNU शोधार्थी के रूप में होती है। पिछले कुछ महीनों में भूख हड़ताल, झारखंड छात्र आंदोलन और दिल्ली के जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रमों ने उन्हें राष्ट्रीय मीडिया में प्रमुखता दिलाई है।

Asian Times की पड़ताल: नेहा बोरा का राजनीतिक सफर अभी छात्र राजनीति और आंदोलनों के केंद्र में है। आने वाले समय में उनका सार्वजनिक जीवन किस दिशा में जाता है—छात्र राजनीति, व्यापक सामाजिक आंदोलन या सक्रिय चुनावी राजनीति—यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

Noida Desk
Author: Noida Desk

मुख्य संपादक (Editor in Chief)

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