नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले दिल्ली समेत कई शहरों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। प्रदर्शन के समर्थन में विपक्षी दलों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के उतरने की खबरों के बीच दिल्ली, चंडीगढ़ और मुंबई में कई नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने का दावा किया गया है। हालांकि, कांग्रेस ने इस विरोध प्रदर्शन से दूरी बनाए रखी।
दिल्ली एयरपोर्ट पर कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक हिरासत में लिए गए
प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रम के बीच कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास के मुंबई से दिल्ली पहुंचने पर पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई है।
इसके अलावा, गुरुग्राम में यूट्यूबर ध्रुव राठी को भी हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई। हालांकि, इन सभी मामलों में हिरासत के कारणों और संबंधित पुलिस अधिकारियों के आधिकारिक बयान की पुष्टि की जानी बाकी है।
दिल्ली में विपक्षी नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई
दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं। खबरों के मुताबिक, आम आदमी पार्टी के नेताओं अरविंद केजरीवाल, संजय सिंह और मनीष सिसोदिया से जुड़े विरोध प्रदर्शनों के दौरान भी पुलिस की कार्रवाई हुई।
तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ’ब्रायन और डोला सेन के अलावा सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण के नाम भी हिरासत में लिए गए लोगों की सूची में बताए गए हैं।
AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा के हिरासत में लिए जाने का भी दावा किया गया है। हालांकि, इन सभी व्यक्तियों की हिरासत की स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
चंडीगढ़ में AAP नेताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ किया प्रदर्शन
चंडीगढ़ में आम आदमी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे और जवाबदेही की मांग उठा रहे थे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस ने सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश के बाद प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई की। हिरासत में लिए गए लोगों में AAP नेता मनीष सिसोदिया, पंजाब के मंत्री हरपाल सिंह चीमा और अन्य पार्टी कार्यकर्ताओं के नाम बताए गए हैं।
इस घटनाक्रम के बाद चुनाव आयोग की भूमिका और विरोध प्रदर्शन के तरीके को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है।
मुंबई में तुषार गांधी समेत कार्यकर्ता हिरासत में
मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले सामाजिक कार्यकर्ता तुषार गांधी और फीरोज मिथिबोरवाला को हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई।
यह प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित विरोध के समर्थन में किया जाना था। तुषार गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्टर साझा कर लोगों से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की थी।
बताया गया कि पुलिस की कार्रवाई के बाद दोनों को संबंधित पुलिस थानों में ले जाया गया।
चुनाव आयोग की जवाबदेही को लेकर गरमाई राजनीति
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। विपक्षी दलों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के समर्थन के बीच विभिन्न शहरों में पुलिस की कार्रवाई चर्चा का विषय बन गई है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच चुनाव आयोग की जवाबदेही, विरोध प्रदर्शन के अधिकार और पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
Author: Noida Desk
मुख्य संपादक (Editor in Chief)






