टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर फायरिंग मामले में कथित शूटर रेहान की मां के दावे, उसके दोस्तों समीर-बोनी और अमन के कनेक्शन की चर्चा। जानिए जांच से जुड़े प्रमुख सवाल।

सोनीपत/मुंबई | Asian Times

बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर हुई फायरिंग के मामले में जांच का दायरा बढ़ता नजर आ रहा है। हरियाणा के सोनीपत निवासी कथित शूटर रेहान की गिरफ्तारी के बाद उसके दो दोस्तों समीर और बोनी को भी पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, रेहान की मां शमशीदा के इस दावे की पुलिस की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

इस मामले में कथित तौर पर अवैध हथियारों की आपूर्ति करने वाले युवक अमन का नाम भी सामने आया है। पुलिस की जांच में रेहान, दूसरे नाबालिग आरोपी और अमन के बीच संपर्कों की पड़ताल किए जाने की बात कही जा रही है।

रेहान की मां का दावा- दो लाख रुपये का लालच दिया गया

रेहान की मां शमशीदा के मुताबिक, किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके बेटे को दो लाख रुपये कमाने का लालच दिया था। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि वह व्यक्ति कौन था और उसने रेहान को किस तरह का काम करने के लिए कहा था।

शमशीदा का दावा है कि जेल से बाहर आने के कुछ दिन बाद रेहान अचानक लापता हो गया था। इसके बाद से परिवार को उसकी गतिविधियों के बारे में पूरी जानकारी नहीं मिल सकी।

मां ने आशंका जताई कि उनके बेटे को गुमराह करके इस मामले में शामिल किया गया होगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि पहले भी रेहान को एक आपराधिक मामले में फंसाए जाने की कोशिश हुई थी। हालांकि, उनके इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

स्कूल छोड़ने के बाद दूध फैक्ट्री में करने लगा था काम

शमशीदा के मुताबिक, वह पिछले करीब 10 वर्षों से अपने पति रईसुद्दीन अंसारी से अलग रह रही हैं और अपने बेटे के साथ मायके देवडू गांव में रहती थीं।

उन्होंने बताया कि पहले वह दिल्ली में रहती थीं, जहां रेहान का दाखिला दिल्ली विद्यापीठ स्कूल में कराया गया था। पढ़ाई छोड़ने के बाद रेहान मुरथल स्थित एक दूध फैक्ट्री में काम करने लगा।

मां के अनुसार, फैक्ट्री में उसकी मुलाकात बिहार के एक युवक से हुई थी। उस युवक ने उसे गुरुग्राम में अधिक पैसे कमाने की बात कही, जिसके बाद रेहान वहां चला गया।

हथियारों के साथ तस्वीरें वायरल होने के बाद दर्ज हुआ था मामला

रेहान की मां ने बताया कि अगस्त 2026 में कुछ युवकों ने हथियारों के साथ तस्वीरें खिंचवाई थीं। रेहान भी उन तस्वीरों में शामिल था। बाद में कुछ तस्वीरें इंस्टाग्राम पर अपलोड की गईं, जिसके बाद उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई।

मां के अनुसार, इस मामले में रेहान को जेल जाना पड़ा था और वह करीब 14 दिन तक जेल में रहा।

उन्होंने बताया कि 3 सितंबर को गोहाना की अदालत से उसकी जमानत का आदेश हुआ था और 5 सितंबर को वह जेल से बाहर आया।

शमशीदा का दावा है कि जमानत की प्रक्रिया के दौरान गोहाना निवासी अमन का फोन आया था। अमन ने कथित तौर पर रेहान के पास अवैध हथियार मिलने की बात कही थी। इसके बाद परिवार की ओर से एक दुकान के माध्यम से 3,000 रुपये ट्रांसफर किए गए थे।

इन दावों और कथित लेनदेन की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं हुई है।

अमन तक पहुंची जांच की कड़ी

फायरिंग मामले में अमन का नाम सामने आने के बाद अवैध हथियारों की आपूर्ति से जुड़े संभावित नेटवर्क की जांच महत्वपूर्ण हो गई है।

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, अमन के खिलाफ अवैध हथियारों से संबंधित मामला दर्ज होने की बात कही जा रही है। जांच एजेंसियां कथित तौर पर यह पता लगाने में जुटी हैं कि रेहान और दूसरे आरोपी का उससे किस तरह संपर्क हुआ था और फायरिंग की घटना में उसकी कोई भूमिका थी या नहीं।

हालांकि, अमन की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच और आधिकारिक पुलिस बयान के बाद ही निकाला जा सकता है।

दूसरा आरोपी नाबालिग, परिवार ने बताई घर छोड़ने की कहानी

इस मामले में शामिल बताया जा रहा दूसरा आरोपी भी हरियाणा के सोनीपत का निवासी है और नाबालिग बताया गया है।

परिवार के मुताबिक, करीब एक महीने पहले उसकी अपनी बहन से कहासुनी हुई थी। इस घटना के बाद पिता ने उसकी पिटाई कर दी थी। परिजनों का दावा है कि इसके बाद वह घर छोड़कर गोहाना निवासी अमन के साथ रहने लगा।

परिवार ने यह भी बताया कि इससे पहले पंजाब में बाइक चोरी से जुड़े एक मामले में उसका नाम सामने आया था। परिजनों के अनुसार, बाइक खरीदने के मामले में उनकी ओर से अलग पक्ष रखा गया था।

इन घटनाओं और टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर हुई फायरिंग के बीच संबंधों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों से ही हो सकेगी।

अनिल पंडित और लॉरेंस गैंग कनेक्शन की भी चर्चा

फायरिंग मामले में अनिल पंडित का नाम भी सामने आया है। उपलब्ध जानकारी में उसे कथित तौर पर हमलावरों को भेजने और घटना की जिम्मेदारी लेने वाले व्यक्ति के रूप में बताया गया है। उसके लॉरेंस गैंग से जुड़े होने का दावा भी किया गया है।

बताया जा रहा है कि अनिल पंडित हरियाणा के पानीपत जिले के रेरकलां गांव का रहने वाला है। उसके परिवार के मुताबिक, वह 2022 में नौकरी के सिलसिले में दुबई गया था और 2024 में कथित तौर पर डंकी रूट के जरिए अमेरिका पहुंचा।

जानकारी के अनुसार, अमेरिका में उसके संपर्क गैंगस्टर हैरी बॉक्सर से हुए थे। अनिल पर हरियाणा में कई आपराधिक मामले दर्ज होने की बात भी सामने आई है। इन मामलों की संख्या और फायरिंग केस में उसकी कथित भूमिका की पुष्टि संबंधित पुलिस एजेंसियों के आधिकारिक रिकॉर्ड से की जानी चाहिए।

पुलिस जांच में इन सवालों के जवाब अहम

टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर फायरिंग के मामले में अब कई सवालों के जवाब तलाशे जाने हैं:

रेहान को कथित तौर पर दो लाख रुपये देने का लालच किसने दिया था?

समीर और बोनी को वास्तव में हिरासत में लिया गया है या नहीं?

अमन का रेहान और दूसरे आरोपी से क्या संबंध था?

फायरिंग में इस्तेमाल हथियार कहां से आए?

क्या अनिल पंडित ने हमलावरों को निर्देश दिए थे?

घटना के पीछे किसी संगठित आपराधिक नेटवर्क की भूमिका थी?

इन सवालों पर पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

Asian Times की अपील: इस मामले से जुड़ी अपुष्ट तस्वीरों, वीडियो या आरोपों को तथ्य मानकर साझा न करें। किसी भी आरोपी की भूमिका को अदालत में दोष सिद्ध होने से पहले अंतिम रूप से स्थापित नहीं माना जाना चाहिए।

Noida Desk
Author: Noida Desk

मुख्य संपादक (Editor in Chief)

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