NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद बिहार के मशहूर शिक्षक Khan Sir ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने परीक्षा प्रणाली, पेपर लीक और जांच एजेंसियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि NTA बड़े स्तर की परीक्षाएं सही तरीके से कराने में पूरी तरह असफल साबित हो रही है। उनके मुताबिक यह सिर्फ एक परीक्षा नहीं बल्कि लाखों छात्रों के भविष्य का सवाल है।
खान सर ने कहा, “NTA के लिए यह सिर्फ एक पेपर है, लेकिन छात्रों के लिए यह उनकी पूरी जिंदगी है। NTA का नाम बदलकर ‘कभी भी भरोसे लायक एजेंसी नहीं’ रख देना चाहिए। उनका पूरा प्रशासनिक सिस्टम खराब हो चुका है।”
सरकार ने मामले की जांच CBI को सौंपी है, लेकिन खान सर ने जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई मामलों में जांच बहुत लंबी चलती है और समय पर स्पष्ट नतीजे सामने नहीं आते। उन्होंने कहा, “CBI की जांच इतनी लंबी चलेगी कि छात्र तब तक अपनी MBBS की पढ़ाई पूरी कर लेंगे।” उन्होंने सुझाव दिया कि मामले की निगरानी सुप्रीम कोर्ट के किसी रिटायर्ड जज से कराई जानी चाहिए और दोषियों की पहचान व सजा के लिए तय समय सीमा होनी चाहिए।

“NTA के अंदर से ही कोई मिलीभगत कर रहा है”
खान सर का कहना है कि इतनी बड़ी परीक्षा में पेपर लीक बिना अंदरूनी मिलीभगत के संभव नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर चोरी कर टेलीग्राम और व्हाट्सएप ग्रुप्स पर लाखों रुपये में बेचा जाता है। उनके अनुसार छोटे स्तर के लोग अकेले इतना बड़ा नेटवर्क नहीं चला सकते, इसमें प्रभावशाली लोगों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
उन्होंने दोषियों के लिए कड़ी सजा की मांग करते हुए कहा, “एक हत्या में एक इंसान की जान जाती है, लेकिन इस तरह के घोटाले लाखों छात्रों का भविष्य बर्बाद कर देते हैं। जब तक सख्त सजा नहीं होगी, यह सब बंद नहीं होगा।”
परिवारों की परेशानियों का भी किया जिक्र
खान सर ने छात्रों और उनके परिवारों की आर्थिक व मानसिक परेशानियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कई परिवार बच्चों की पढ़ाई के लिए जमीन या गहने तक गिरवी रख देते हैं। ऐसे में परीक्षा रद्द होने और पेपर लीक जैसी घटनाओं से उनका भरोसा टूट रहा है।
उन्होंने कहा कि 2024 में भी इसी तरह के आरोप सामने आए थे, लेकिन जांच से कोई बड़ा परिणाम नहीं निकला। खान सर के मुताबिक सबसे पहले छात्रों ने ही पेपर लीक की जानकारी दी थी, सरकारी एजेंसियों ने नहीं।
इस दौरान उन्होंने UPSC की परीक्षा व्यवस्था की तारीफ करते हुए कहा कि UPSC बेहतर तरीके से परीक्षाएं कराता है, जबकि NTA लगातार विवादों में बना रहता है।
PMO और सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप की मांग
खान सर ने प्रधानमंत्री कार्यालय और सुप्रीम कोर्ट से मामले में सीधे हस्तक्षेप की अपील की। उन्होंने कहा कि जांच की प्रगति हर हफ्ते सार्वजनिक की जानी चाहिए ताकि छात्रों का भरोसा वापस लौट सके।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शिक्षा व्यवस्था लगातार कमजोर होती गई तो आने वाले 20-25 वर्षों में देश को इसका बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है। उनके मुताबिक इस पूरे मामले में सिर्फ पैसों का लालच ही नहीं बल्कि बाहरी ताकतों की भूमिका की भी गंभीर जांच होनी चाहिए।.
@MUSKAN KUMARI





