रांची: झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में सुधार की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच कई दौर की बातचीत के बावजूद सभी मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई है। अब राज्य सरकार ने रविवार दोपहर 12 बजे आंदोलनकारी छात्र प्रतिनिधियों के साथ छठे दौर की वार्ता बुलाने का फैसला किया है।
हालांकि, आंदोलनकारी छात्रों ने सरकार की पहल पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक रणनीति बताया है। JPSC-JSSC Reforms Manch के नेता रविंद्र पासवान ने आरोप लगाया कि सरकार अलग-अलग छात्र संगठनों से बातचीत कर आंदोलन को कमजोर करने और छात्रों के बीच मतभेद पैदा करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने दावा किया कि सभी छात्र अपनी मांगों को लेकर एकजुट हैं।

25 जुलाई से जारी है प्रदर्शन
छात्रों का प्रदर्शन 25 जुलाई से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जारी है। शुक्रवार रात पांच सदस्यीय सरकारी पैनल के साथ हुई बैठक में आंदोलनकारी छात्रों ने अपनी मांगें रखीं। इसके बाद शनिवार को सरकार ने NSUI, JCM और आदिवासी छात्र संघ समेत अलग-अलग छात्र संगठनों से बातचीत की।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ शनिवार शाम करीब चार घंटे चली बैठक के बाद रविवार को एक और दौर की बातचीत का फैसला लिया गया। ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने बताया कि सरकारी पैनल ने मुख्यमंत्री को छात्रों की मांगों और चिंताओं से अवगत कराया है।
परीक्षा रद्द करने समेत कई मांगें
छात्र संगठनों ने 14वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा रद्द करने, संदिग्ध JPSC-JSSC परीक्षाओं की 90 दिनों के भीतर CID जांच और Jharkhand Testing Agency के गठन समेत कई मांगें रखी हैं। आदिवासी छात्र संघ ने भर्ती परीक्षाओं में जनजातीय और क्षेत्रीय भाषाओं को क्वालिफाइंग पेपर के रूप में शामिल करने और गड़बड़ी वाली परीक्षाओं को रद्द करने की मांग की है।
सरकार ने छात्रों से परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया में सुधार को लेकर सुझाव भी मांगे हैं। वहीं छात्रों ने चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं तो 10 अगस्त को विधानसभा मार्च किया जाएगा।
ABVP का 11 अगस्त को मार्च
आंदोलन में AISA और ABVP भी सक्रिय हैं। ABVP ने मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च किया था, जहां पुलिस से झड़प के बाद कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था। बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। ABVP ने 11 अगस्त को अलग विधानसभा मार्च का ऐलान किया है।
इस बीच, JPSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मामले में अब तक 19 लोगों की गिरफ्तारी की बात सामने आई है। पूर्व पैनल अध्यक्ष एल. खियांग्ते से 28 जुलाई के बाद चार बार पूछताछ की जा चुकी है।
@MUSKAN KUMARI





