नई दिल्ली/उत्तर प्रदेश: आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने शिक्षा व्यवस्था, सरकारी स्कूलों की स्थिति और शराब की दुकानों को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने देश में सरकारी स्कूलों की घटती संख्या का मुद्दा उठाते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए हैं।
चंद्रशेखर आजाद ने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों में देशभर में लगभग 94 हजार सरकारी स्कूल बंद हुए हैं। उनका कहना है कि शिक्षा जैसी बुनियादी जरूरत पर पर्याप्त ध्यान देने के बजाय सरकार की प्राथमिकताएं कहीं और दिखाई दे रही हैं।
शिक्षा और शराब की दुकानों को लेकर उठाए सवाल
चंद्रशेखर आजाद ने सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए सरकारी शिक्षा बेहद जरूरी है। यदि सरकारी स्कूलों की संख्या लगातार घटती है तो इसका सीधा असर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों की पढ़ाई पर पड़ सकता है।
उन्होंने भाजपा सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए शिक्षा, रोजगार और युवाओं के भविष्य को राजनीतिक बहस के केंद्र में लाने की कोशिश की है।
सरकार बनने पर मुफ्त शिक्षा और शराबबंदी का वादा
चंद्रशेखर आजाद पहले भी उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर कई घोषणाएं कर चुके हैं। उन्होंने वादा किया है कि आजाद समाज पार्टी की सरकार बनने पर इंटरमीडिएट तक बच्चों को मुफ्त शिक्षा दी जाएगी।
इसके अलावा प्रदेश में शराबबंदी लागू करने और शराब की दुकानों को लाइब्रेरी में बदलने की घोषणा भी उन्होंने की है। उन्होंने सरकारी विभागों में खाली पदों पर भर्ती और युवाओं को रोजगार देने का भी वादा किया है।
2027 के चुनाव में शिक्षा और रोजगार होंगे बड़े मुद्दे
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए शिक्षा, रोजगार, सरकारी भर्ती और शराबबंदी जैसे मुद्दों पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो रही है। चंद्रशेखर आजाद लगातार इन मुद्दों को उठाकर भाजपा सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
अब देखना होगा कि चुनाव के दौरान शिक्षा और रोजगार से जुड़े ये मुद्दे राजनीतिक बहस में कितनी प्रमुखता हासिल करते हैं।
नोट: 94 हजार सरकारी स्कूल बंद होने का आंकड़ा चंद्रशेखर आजाद द्वारा उठाया गया दावा है। इसे स्वतंत्र रूप से प्रमाणित सरकारी आंकड़ा नहीं माना जाना चाहिए।
Author: Noida Desk
मुख्य संपादक (Editor in Chief)






