बिहार सरकार जहां भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस और गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य का दावा कर रही है, वहीं पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) से सामने आए एक वायरल वीडियो ने इन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे वीडियो में दावा किया जा रहा है कि करोड़ों रुपये की लागत से बन रहा पंचायत सरकार भवन निर्माण पूरा होने से पहले ही जर्जर हालत में नजर आ रहा है। वीडियो में भवन की छत का प्लास्टर गिरा हुआ दिखाई दे रहा है, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
वायरल दावे के अनुसार, यह मामला अरेराज प्रखंड के चटिया बड़हरवा पंचायत सरकार भवन का है। बताया जा रहा है कि करीब 3 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस भवन में घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किया गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ठेकेदार, इंजीनियर और संबंधित अधिकारियों की कथित मिलीभगत के कारण निर्माण कार्य की गुणवत्ता प्रभावित हुई, जिसका नतीजा यह है कि भवन पूरा होने से पहले ही छत का प्लास्टर उखड़ने लगा।

वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी है। ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर पहले भी शिकायतें की गई थीं, लेकिन कथित तौर पर विभागीय स्तर पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का सवाल है कि यदि निर्माणाधीन भवन की यह स्थिति है, तो इसके पूरा होने के बाद इसकी मजबूती और सुरक्षा पर कैसे भरोसा किया जा सकता है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, भवन निर्माण कार्य 17 फरवरी 2025 से शुरू हुआ था और इसे 16 अप्रैल 2026 तक पूरा किया जाना है।
हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। यदि जांच में वीडियो और लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला निर्माण गुणवत्ता के साथ-साथ सरकारी धन के उपयोग और निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करेगा। फिलहाल सभी की नजरें संबंधित विभाग की जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।
@MUSKAN KUMARI






