बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला। जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को 18,953 वोटों के बड़े अंतर से हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। मतगणना के शुरुआती दौर से ही प्रशांत किशोर लगातार बढ़त बनाए रहे और 31वें तथा अंतिम राउंड तक यह बढ़त निर्णायक जीत में बदल गई।
बांकीपुर विधानसभा सीट को लंबे समय से भाजपा का अभेद्य किला माना जाता रहा है। इस सीट से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन लगातार पांच बार विधायक रहे थे। उनके राज्यसभा जाने के बाद खाली हुई सीट पर भाजपा ने नीरज कुमार सिन्हा को उम्मीदवार बनाया, लेकिन पार्टी अपना गढ़ बचाने में नाकाम रही।

वहीं, इस चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की उम्मीदवार रेखा गुप्ता का प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा। पूरे चुनाव के दौरान वह तीसरे स्थान पर बनी रहीं। माना जा रहा है कि पारंपरिक वोट बैंक का बड़ा हिस्सा इस बार जन सुराज की ओर शिफ्ट हुआ।
प्रशांत किशोर ने अपने चुनाव अभियान में शिक्षा, रोजगार, स्थानीय विकास और बेहतर प्रशासन जैसे मुद्दों को प्रमुखता दी। मोहल्ला बैठकों और सीधे जनसंवाद की रणनीति ने शहरी मतदाताओं के बीच उन्हें मजबूत समर्थन दिलाया।
यह जीत जन सुराज के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। 2025 के विधानसभा चुनाव में खाता नहीं खोल पाने वाली पार्टी के लिए यह पहली बड़ी चुनावी सफलता है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बांकीपुर का यह परिणाम बिहार की राजनीति में नए समीकरणों का संकेत है और आने वाले समय में राज्य की राजनीति पर इसका दूरगामी असर देखने को मिल सकता है।
@MUSKAN KUMARI





