स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर बक्सर जिला प्रशासन ने सख्त तेवर दिखाए हैं। शनिवार को जिला पदाधिकारी साहिला ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इटाढ़ी का औचक निरीक्षण किया। अचानक हुई इस कार्रवाई में अस्पताल की व्यवस्था की ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने स्वास्थ्य महकमे में खलबली मचा दी।
निरीक्षण के दौरान प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी समेत कई डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी अपने ड्यूटी स्थल से गैरहाजिर मिले। इसके अलावा अस्पताल की साफ-सफाई, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं की स्थिति भी संतोषजनक नहीं पाई गई।
जिला पदाधिकारी ने मामले को गंभीर लापरवाही मानते हुए अनुपस्थित चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। सिविल सर्जन को कहा गया कि जिस दिन डॉक्टर गैरहाजिर पाए गए, उस दिन का वेतन भुगतान रोका जाए और संबंधित चिकित्सकों से स्पष्टीकरण लिया जाए।
वहीं लगातार अनधिकृत अनुपस्थिति के आरोपों को लेकर स्वास्थ्य प्रबंधक, BCM और लिपिक को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने तथा आगे की विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। लगातार गैरहाजिर पाए गए चार ममता कार्यकर्ताओं को चयन मुक्त करने का भी आदेश दिया गया है। एक ममता कार्यकर्ता द्वारा अग्रिम उपस्थिति दर्ज किए जाने के मामले में भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।

निरीक्षण के दौरान अस्पताल की दवा व्यवस्था की भी जांच की गई। फार्मासिस्ट को निर्देश दिया गया कि एक्सपायरी के करीब पहुंचने वाली दवाओं की माहवार सूची तैयार रखी जाए और समय रहते उनका नियमानुसार उपयोग या निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
साफ-सफाई और पेयजल की खराब व्यवस्था को लेकर सिविल सर्जन और जिला कार्यक्रम प्रबंधक से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। जिला पदाधिकारी ने चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की समय पर उपस्थिति तथा जरूरी स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता की नियमित समीक्षा के निर्देश दिए हैं।
इटाढ़ी CHC में हुई कार्रवाई के बाद अब सदर अस्पताल बक्सर की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। हालांकि चिकित्सकों की कमी और नियमित उपस्थिति से जुड़े कुछ दावों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अब निगाहें जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं कि क्या सदर अस्पताल बक्सर में भी इसी तरह औचक निरीक्षण किया जाएगा।
@MUSKAN KUMARI





