पटना के गर्दनीबाग धरनास्थल पर पिछले छह दिनों से आमरण अनशन कर रहे पीएचडी अभ्यर्थियों के समर्थन में रविवार को बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष राजेश राम पहुंचे। उन्होंने आंदोलनरत अभ्यर्थियों की मांगों को जायज बताते हुए सरकार से तत्काल बातचीत करने की मांग की।
राजेश राम ने कहा कि ‘स्टैच्यूट्स फॉर अपॉइंटमेंट्स ऑफ असिस्टेंट प्रोफेसर्स 2026’ से राज्य की उच्च शिक्षा व्यवस्था में अराजकता बढ़ेगी। उनके मुताबिक, नई नियुक्ति नियमावली विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों की स्वायत्तता को खत्म करने की दिशा में उठाया गया तानाशाहीपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा कि सहायक प्राध्यापक नियुक्ति नियमावली 2026 को तत्काल निरस्त किया जाना चाहिए। कांग्रेस अध्यक्ष ने बताया कि अभ्यर्थियों की छह मांगों को लेकर उनका मांग पत्र नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उच्च शिक्षा मंत्री और बिहार विश्वविद्यालय सेवा आयोग को भेजा जाएगा।
राजेश राम ने सरकार से छह दिनों से आमरण अनशन पर बैठे कुमुद पटेल, अभिषेक कुमार और विकू सिंह के स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार उच्च अधिकारियों की टीम गठित कर अभ्यर्थियों से बातचीत करे और उनकी समस्याओं का समाधान निकाले।
इस दौरान कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. स्नेहाशीष वर्धन, पंकज यादव, प्रेमचंद सिंह, चंद्र प्रकाश सिंह समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता धरनास्थल पर पहुंचे और आंदोलनकारी पीएचडी अभ्यर्थियों को समर्थन दिया।
@MUSKAN KUMARI





