पटना: बिहार में कुशल युवा कार्यक्रम (KYP) के पूर्व संचालित 1731 केंद्रों को दोबारा चालू करने की मांग को लेकर सोमवार को पटना में केंद्र संचालकों ने धरना-प्रदर्शन किया। बिहार कौशल विकास मिशन से जुड़े 200 से अधिक केंद्र संचालक नियोजन भवन के गेट के पास जुटे और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। इसके बाद प्रदर्शनकारी भाजपा कार्यालय की ओर भी पहुंचे।
प्रदर्शन कर रहे केंद्र संचालकों ने पुरानी प्रशिक्षण व्यवस्था बहाल करने और सभी पूर्व संचालित केंद्रों को दोबारा शुरू करने की मांग उठाई। उनका कहना है कि मौजूदा व्यवस्था के कारण कई पुराने केंद्रों के संचालन और संचालकों के रोजगार पर संकट पैदा हो गया है।
871 केंद्रों के लिए अधिसूचना जारी होने पर सवाल
प्रदर्शनकारी केंद्र संचालकों का दावा है कि विभागीय स्तर पर हुई बातचीत के दौरान सभी पुराने KYP केंद्रों को चालू रखने का आश्वासन दिया गया था। इसके बावजूद बाद में केवल 871 केंद्रों पर KYP डिजिटल मित्र कार्यक्रम शुरू करने को लेकर अधिसूचना जारी की गई।
संचालकों का कहना है कि इस फैसले से बड़ी संख्या में पुराने केंद्रों के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। उन्होंने सरकार और संबंधित विभाग से इस मामले में स्पष्ट निर्णय लेने की मांग की है।
पुरानी प्रशिक्षण व्यवस्था बहाल करने की मांग
केंद्र संचालक चाहते हैं कि बिहार में पहले की तरह KYP प्रशिक्षण व्यवस्था बहाल की जाए। उनकी प्रमुख मांग है कि सभी 1731 पूर्व संचालित केंद्रों को दोबारा शुरू किया जाए और केंद्रों की इंटेक क्षमता भी पहले की तरह बहाल की जाए।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इससे केंद्रों का संचालन दोबारा शुरू हो सकेगा और युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्राप्त करने के अवसर मिलेंगे।
युवाओं के कौशल प्रशिक्षण पर असर की आशंका
प्रदर्शनकारी संचालकों के मुताबिक, पुराने केंद्रों के बंद रहने से युवाओं को कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण केंद्रों को लेकर जल्द निर्णय लिया जाना चाहिए, ताकि युवाओं के कौशल विकास से जुड़ी योजनाओं को आगे बढ़ाया जा सके।
संचालकों ने संबंधित विभाग से उनकी समस्याओं का समाधान करने और सभी पुराने केंद्रों को फिर से संचालित करने की मांग की है।
अब सरकार के फैसले का इंतजार
पटना में हुए इस प्रदर्शन के बाद अब केंद्र संचालकों की नजर बिहार सरकार और बिहार कौशल विकास मिशन के अगले कदम पर है। प्रदर्शनकारियों को उम्मीद है कि उनकी मांगों पर विचार कर सभी पूर्व संचालित केंद्रों को दोबारा शुरू करने की दिशा में निर्णय लिया जाएगा।
फिलहाल, 1731 केंद्रों को दोबारा चालू करने की मांग और 871 केंद्रों से संबंधित अधिसूचना को लेकर केंद्र संचालकों की चिंताएं बनी हुई हैं। इस मामले में विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया और आगे होने वाली कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।
Author: Noida Desk
मुख्य संपादक (Editor in Chief)






