दिल्ली सहित उत्तरी राज्यों में सर्दी ने किया बेहाल

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नई दिल्ली। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान सहित उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में सोमवार को कड़ाके की सर्दी ने लोगों को बेहाल कर दिया। दिल्ली में 1901 के बाद सोमवार, सबसे सर्द दिन रहा। मौसम विभाग के अनुसार राजस्थान के जयपुर में न्यूनतम तापमान एक डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया तो दिल्ली में दिन का अधिकतम तापमान 1901 के बाद अब तक के सबसे निचले स्तर 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिल्ली में सोमवार को भीषण कोहरे और धुंध की गहरी परत के कारण सामान्य जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। उत्तरी राज्यों में कश्मीर के श्रीनगर का न्यूनतम तापमान शून्य से 6.5 डिग्री कम दर्ज किया गया जबकि जम्मू में रविवार को पिछले एक दशक में रात का सबसे कम तापमान (2.4 डिग्री सेल्सियस) दर्ज किया गया। राज्य की मशहूर डल झील में जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गयी है।

दिल्ली और आसपास के इलाकों में कोहरे के कारण दृश्यता का स्तर शून्य तक पहुंचने के कारण विमान और रेल सेवायें प्रभावित हुयी हैं। साथ ही दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर भी खतरनाक श्रेणी में पहुंच गया है। दिल्ली में सोमवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 448 पर था। विभाग के मुताबिक सोमवार को दिन में ढाई बजे दिल्ली, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिकांश स्थानों और पंजाब, पूर्वी एवं पश्चिमी राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर तापमान में गिरावट दर्ज की गयी।

विभाग द्वारा जारी अगले 48 घंटों के पूर्वानुमान के अनुसार राजस्थान के कुछ इलाकों में शीत लहर का प्रकोप जारी रहेगा। जबकि पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार के अधिकांश इलाकों में मंगलवार और बुधवार को दिन के तापमान में गिरावट के कारण ‘कोल्ड डे’ की स्थिति बरकरार रहेगी। इन इलाकों में सुबह के समय घने कोहरे का भी अनुमान व्यक्त किया गया है। जबकि मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ और पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में मंगलवार को तूफानी हवाओं के साथ छिटपुट बूंदाबांदी की भी संभावना है।

मौसम विभाग की उत्तर क्षेत्रीय पूर्वानुमान इकाई के प्रमुख डा कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया कि सर्दी की मौजूदा स्थिति में अगले 24 घंटों तक कोई बदलाव नहीं होने की संभावना के बीच अगले 48 घंटों में हवा के रुख में बदलाव को देखते हुये एक जनवरी से उत्तरी इलाकों में सर्दी में मामूली राहत मिलने की उम्मीद है। विभाग ने सर्द हवाओं के रुख को कमजोर करने वाले पश्चिमी विक्षोभ की तीव्रता में कमी को उत्तरी राज्यों में रिकार्ड तोड़ सर्दी की वजह बताया है। डा.श्रीवास्तव ने बताया कि पिछले दस दिन से पश्चिमी विक्षोभ की गैरमौजूदगी ने सर्द हवाओं का आक्रामक रुख उत्तरी राज्यों की ओर कर दिया। इसकी वजह से दिल्ली और आसपास के इलाकों में दिसंबर की सर्दी ने सौ साल का रिकार्ड तोड़ दिया। उल्लेखनीय है कि दिसंबर के शुरुआती दो सप्ताह में एक बार और 21 दिसंबर के बाद 30 दिसंबर को पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ है। इसके अंतराल में इजाफे के कारण सर्दी का प्रकोप बढ़ा है।

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