यूपी: गन्ना किसानों का हल्ला बोल..डेढ़ सौ से अधिक जगह किया चक्का जाम,आक्रोशित किसानों ने किया विधानसभा का घेराव, जलाई पराली, कई हिरासत में

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कहा अगर 20 तक गन्ना मूल्य में वृद्धि नहीं हुई तो 21 दिसंबर को जिला मुख्यालयो पर होगा भकियू का कब्जा

लखनऊ। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशव्यापी चक्का जाम के आह्वान पर भारतीय किसान यूनियन के धीरज लाटियान, राजू अहलावत, विकास, नवीन राठी, सतेंद्र ठाकुर ,अनुज बालियान, कुशल वीर सिंह, विपिन बालियान, महकार सिंह, अशोक घटायन, आदि के नेतृत्व में मुजफ्फरनगर में 14 जगह राष्ट्रीय राजमार्ग एवं राज्य राजमार्ग को जाम किया गया। जनपद बिजनौर में दिगंबर सिंह जिला अध्यक्ष के आह्वान पर 40 स्थानों पर चक्का जाम किया गया।

जनपद अमरोहा में उमेद सिंह, डूंगर सिंह जी के नेतृत्व में राष्ट्रीय राजमार्ग जाम किया गया। जनपद संभल में शंकर सिंह, विजेंद्र यादव के नेतृत्व में संभल में जाम किया गया । मुरादाबाद जनपद में डॉ नौसिंह,ऋषि पाल सिंह, मनोज चौधरी,नीटू चौहान आदि के नेतृत्व में चार जगह राष्ट्रीय राजमार्ग व राज्य राजमार्ग पर जाम किया गया। जनपद हापुड़ में सतवीर सिंह, धनवीर शास्त्री ,दिनेश खेड़ा, सतवीर आर्य, बबली, नितिन बना आदि के नेतृत्व में 6 जगह राष्ट्रीय राजमार्ग व राज्य मार्ग को जाम किया गया। जनपद सहारनपुर में विनय कुमार, चरण सिंह, अशोक, जगपाल सिंह आदि के नेतृत्व में 8 जगह रास्तों पर जाम किया गया। जनपद बुलंदशहर में गुड्डू प्रधान बिशन सिंह सिरोही आदि के नेतृत्व में 9 जगह जाम लगाकर विरोध प्रकट किया गया । शामली में कपिल खटियान, कुलदीप पवार, जावेद तोमर, कुलदीप सैनी, योगेंद्र सिंह, संजीव राठी आदि के नेतृत्व में तीन जगह चक्का जाम किया गया। फैजाबाद जनपद में भी चार जगह रास्ता जाम किया गया।

जनपद मेरठ में नरेश चौधरी, गजेंद्र चौधरी, विलियम ,उदयवीर ,संजय दौराला, रविंद्र सिंह, सतवीर सिंह आदि के नेतृत्व में 8 जगह राज्य राजमार्ग वे राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम किया गया। जनपद गाजियाबाद में विजेंद्र सिंह के नेतृत्व में मोदीनगर में राष्ट्रीय राजमार्ग जाम किया गया ।

रामपुर में हसीब ,महेंद्र सिंह रंधावा के नेतृत्व में शहजाद नगर में राष्ट्रीय राजमार्ग जाम किया गया ।जहां पर रामपुर के जिला अध्यक्ष हसीब को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। किसानों के विरोध के बावजूद बाद में उन्हें रिहा किया गया ।

नोएडा में पवन खटाना, महेंद्र सिंह, सुभाष चौधरी, अमित कसाना के नेतृत्व में जेवर गोल चौक राष्ट्रीय राजमार्ग जाम किया गया। शाहजहांपुर में सरदार अजीत सिंह के नेतृत्व में तीन जगह रास्ते जाम किये गई।

लखीमपुर खीरी में बाबा सर्वजीत सिंह ने जाम लगाकर ज्ञापन दिया। लखनऊ में किसानों को घर से निकलते ही पुलिस ने जगह-जगह रोक लिया इसके बावजूद हरनाम सिंह ने देवा रोड और सरदार गुरमीत सिंह ने ओसीआर बिल्डिंग में गन्ना जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया ।सीतापुर में उमेश पांडे के नेतृत्व नेतृत्व में लाल चौक पर जाम किया गया।

जनपद बागपत में प्रताप चौधरी, राजेंद्र सिंह, उपेंद्र, विजेंद्र, इंद्रपाल सिंह के नेतृत्व में चार पांच जगह जाम लगाकर विरोध दर्ज कराया।

जनपद अलीगढ़ में विमल तोमर सुन्दर बालियान, विजय तालान, आदर्श चौधरी,जगदीश यादव, विजेंदर सिंह के नेतृत्व में पांच जगह रास्ता जाम किया गया।

मथुरा में भी राजकुमार तोमर गजेंद्र सिंह के नेतृत्व में किसानों ने सादाबाद मथुरा रोड पर जाम लगाकर अपना विरोध प्रकट किया। सभी जगह 11:00 बजे से लेकर 2:00 बजे तक राष्ट्रीय राजमार्ग वह राज्य राजमार्ग जाम रखे गए। 2 बजे के बाद अधिकारियों को ज्ञापन देकर चेतावनी देते हुए कहा कि अगर 20 तारीख तक सरकार ने गन्ना मूल्य वृद्धि में निर्णय नहीं लिया तो 21 दिसंबर को पूरे प्रदेश के किसान जिला मुख्यालय पर अपना कब्जा कर लेंगे।

पिछले 3 सत्रों से गन्ना मूल्य में राज्य सरकार द्वारा कोई वृद्धि नहीं की गई है। गन्ने पर आने वाली लागत में काफी वृद्धि हुई है। किसानों की सिंचाई में प्रयोग होने वाली बिजली का मूल्य में दो गुना एवं खाद, डीजल, कीटनाशक आदि में लगभग 20 प्रतिशत से भी अधिक वृद्धि हुई है। जिससे गन्ना किसानों को लगातार नुकसान हो रहा है। 2016-17 से 2018-19 तक गन्ने की रिकवरी में 3 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। जिससे शुगर मिलों को प्रत्येक कुन्तल गन्ने पर लगभग 90 रुपये का लाभ हुआ है।

वर्तमान पेराई सत्र में भी गन्ना मूल्य में कोई वृद्धि की नहीं की गई है। जिससे किसानों में भारी आक्रोश है। वर्तमान में गन्ना किसानों की उत्पादन लागत 300 रुपये प्रति कुन्तल से अधिक है। सरकार के वायदे के अनुसार गन्ना किसानों को स्वामीनाथन कमेटी के अनुसार लागत में 50 प्रतिशत जोडकर गन्ना मूल्य की घोषणा की जानी आवश्यक है।

1- वर्तमान पेराई सत्र हेतु गन्ने का मूल्य 450 रुपये प्रति कुन्तल अविलम्ब घोषित किया जाए

2-प्रदेश में बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान ब्याज सहित अविलंब कराया जाय।

3-कलेंडर में दर्शायी गयी गलत पर्चियां संशोधित की जाए

4-पूर्व की भांति 15 कुंतल के हाडे को ही आधार मानकर पर्ची तय की जाए आशा है कि सरकार द्वारा गंभीरता से विचार कर इसका समाधान किया जाएगा ,अन्यथा भारतीय किसान यूनियन के आह्वान पर 21 दिसम्बर को प्रदेश भर के सभी किसान जिला मुख्यालयों पर इकट्ठा होकर हल क्रान्ति आन्दोलन के माध्यम से गन्ना मूल्य में वृद्धि हेतू संघर्ष करेगे।

आक्रोशित किसानों ने किया विधानसभा का घेराव

गन्ना मूल्य में बढ़ोत्तरी न होने से नाराज भारतीय किसान यूनियन ने बुधवार को उत्तर प्रदेश में चक्का जाम का ऐलान किया है। जिसका असर सुबह-सुबह राजधानी में देखने को मिला। मलिहाबाद और काकोरी से आए तमाम किसान नेताओं ने विधानसभा का घेराव करने की कोशिश की। हालांकि पुलिस की सतर्कता से उन्हें रोक लिया गया। किसानों ने बापू भवन के करीब गन्ना व पराली जलाकर विरोध जताया।

भाकियू के प्रदर्शन को देखते हुए बुधवार तड़के से ही हजरतगंज इलाके में बैरिकेडिंग कर सड़क बंद कर दी गई थी। सुबह करीब चार बजे भाकियू पदाधिकारी, किसान व अन्य संगठनों के पदाधिकारी गन्ना मूल्य में लगातार तीसरे साल बढ़ोत्तरी न होने के विरोध में विधानसभा का घेराव करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें तितर-बितर कर दिया। इस दौरान तमाम किसानों को हिरासत में लिया गया है।

मेरठ-भाकियू ने जाम किया हाईवे, जमकर हंगामा

गन्ना किसानों की समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन के छेड़े गए प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत बुधवार को सैकड़ों किसानों ने दौराला में नेशनल हाईवे पर जाम लगाकर जमकर हंगामा किया। घंटों चले हंगामे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों का ज्ञापन लेते हुए जाम खुलवाया। इस दौरान हाईवे पर कई किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं।

गन्ना मूल्य बढ़ाने जाने, किसानों के बकाया भुगतान और निराश्रित पशुओं से होने वाली समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर बुधवार को भारतीय किसान यूनियन ने प्रदेशव्यापी हाईवे जाम का ऐलान किया था। इसको लेकर सुबह से ही पुलिस-प्रशासन ने दौराला क्षेत्र स्थित हाईवे को छावनी में तब्दील कर दिया था। लेकिन इसके बावजूद भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारी संजय दौरालिया के साथ सैकड़ों किसान ट्रैक्टर ट्रॉली लेकर दौराला थाने के सामने जा पहुंचे। किसानों ने सड़क पर ट्रैक्टर ट्रॉलियों को आड़ा-टेढ़ा खड़ा करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया और थाने के सामने बीच सड़क पर दरी बिछाकर धरना दे दिया। किसानों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जमकर हंगामा किया।

उधर, जाम के चलते सड़क पर दोनों तरफ कई किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गई। लगभग एक घंटे चले हंगामे के बाद एसडीएम सरधना अमित कुमार भारतीय और सीओ दौराला जितेंद्र सरगम किसानों के बीच पहुंचे और उन्हें समझाते हुए किसी प्रकार जाम खुलवाया। किसानों ने दोनों अधिकारियों को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए किसानों की समस्याओं के जल्द समाधान की मांग की।

गन्ना भुगतान में हो रही देरी पर किसानों का प्रदर्शन

लखीमपुर-खीरी- गन्ना भुगतान में हो रही देरी को लेकर पलिया कला में बजाज शुगर मिल के सामने बुधवार को दोपहर किसानों ने प्रदर्शन किया। मिल प्रशासन के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। मामले की गंभीरता को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

पलिया में स्थित बजाज शुगर मिल के सामने कमल टॉकीज चौराहे पर किसान बुधवार को भारी संख्या में एकत्र हुए। किसानों ने मिल प्रशासन पर भुगतान में देरी का आरोप लगाया और नारेबाजी की। किसानों का आरोप है कि सरकार के आदेशों के बाद भी 15 दिन के अंदर भुगतान नहीं किया जा रहा है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति खराब हो रही है। किसान मजबूर होकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। अगर मिल मालिकों द्वारा जल्द ही समस्या का निराकरण नहीं किया गया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

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