इस दिग्गज निवेशक को 2019 में लगा तगड़ा झटका, ये शेयर बने सहारा

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नई दिल्ली: साल 2019 ज्यादातर निवेशकों के लिए निराशाजनक रहा. बाजार की उथल-पुथल में कई मंझे हुए निवेशक भी घूमते रह गए. इसी सूची में एक नाम दिग्गज निवेशक अनिल कुमार गोयल का है. उनके पोर्टफोलियो में शामिल 23 स्मॉलकैप शेयर 70 फीसदी तक नीचे फिसले.

हालांकि, उनके पोर्टफोलियो को चीनी शेयरों ने संभाले रखा. गोयल को निवेश की दुनिया में शुगर स्‍टॉकों का दीवाना माना जाता रहा है. ऐस इक्विटी से मिले 16 दिसंबर तक के आंकड़ों के अनुसार, गोयल के पोर्टफोलियो की वैल्यू 630 करोड़ रुपये थी और उनके सिर्फ सात शेयर ही हरे निशान में हैं.

हालांकि, इसमें हम उनकी पत्नी सीमा गोयल के शेयरों को शामिल नहीं कर रहे हैं. अनिल कुमार गोयल के पोर्टफोलियो में सैमटैक्स फैशन के शेयर सितंबर तिमाही तक 69.37 फीसदी तक टूटे थे. उनके पास कंपनी की 6 फीसदी हिस्सेदारी है. वे साल 2010 से इस शेयर को अपने पास रखे हुए हैं.

उनके पोर्टफोलियो में शामिल आईजी पेट्रोकेमिकल्स के शेयर भी इस साल 69.37 फीसदी ही टूटे. अनिल कुमार गोयल ने साल 2015 से ही इन दोनों कंपनियों में 6 फीसदी से 7 फीसदी तक हिस्सेदारी बनाए रखी है.

गोयल के पास केजी डेनिम (54.12 फीसदी नीचे), स्टर्लिंग टूल्स (49.32 फीसदी नीचे), शिवम ऑटोटेक (49.10 फीसदी नीचे), तिरुमला केमिकल्स (49 फीसदी नीचे), वर्धमान होल्डिंग्स (44.74 फीसदी नीचे), ऑस्टिन इंजीनियरिंग कंपनी (43.15 फीसदी नीचे), टीसीपीएल पैकेजिंग (40.65 फीसदी नीचे) और अमर ज्‍योत‍ि स्पिनिंग मिल्स (40.5 फीसदी नीचे) भी हैं.

गोयल की सबसे बड़ी हिस्सेदारी इंडियागेट बासमती राइस ब्रांड की मालिक केआरबीएल में है. वह कंपनी में 224 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी रखते हैं. इस साल यह शेयर 22 फीसदी टूटा है. उनके पोर्टफोलियो के सरला परफॉर्मेंस फाइबर्स, स्टार पेपर मिल्स, वर्धमान स्पेशल स्टील और सांघ्वी मोटर्स के शेयर इस साल 30 से 40 फीसदी टूटे हैं.

हालांकि, उनके पोर्टफोलियो में शामिल शुगर कंपन‍ियों के शेयरों ने मोटा रिटर्न दिया है. त्रिवेणी इंजीनियरिंग एंड इंडस्ट्रीज ने 35 फीसदी का रिटर्न दिया है, धामपुर शुगर मिल्स ने 24 फीसदी, द्वारिकेष शुगर ने 18 फीसदी और उत्तम शुगर मिल्स ने 6 फीसदी की छलांग लगाई है. हालांकि, डालमिया भारत और आंध्रा शुगर्स 8 से 15 फीसदी तक टूटे हैं.

इस साल पोर्टफोलियो में गिरावट दर्ज करने के मामले में गोयल अकेले नहीं है. राकेश झुनझुनवाला को भी इस साल कोई खास कामयाबी नहीं मिली. उनके करीब दो दर्जन शेयर इस साल 90 फीसदी तक टूटे हैं. इस साल मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर बुरी तरह पस्त पड़े.

झुनझुनवाला के पोर्टफोलियो में मौजूदा 30 शेयरों में से 26 शेयर इस साल सेंसेक्स के 13 फीसदी रिटर्न को पीछे छोड़ पाने में विफल रहे हैं. हालांकि, इस साल बीएसई के हर 10 में से सात शेयर सेंसेक्स को पीछे छोड़ पाने में विफल रहे, जबकि हर 10 में से आठ शेयरों ने कोई रिटर्न ही नहीं दिया.

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