बच्चों की तकलीफ को जड़ से समाप्त करती हैं ये सावधानियां

518

शिशु का कमरा बहुत अधिक गरम या बहुत अधिक ठंडा नहीं होना चाहिए. कमरे का तापमान 27 से 30 डिग्री के बीच होना चाहिए. इससे कमरे में ऑक्सीजन व नमी की कमी होगी तो उसे सांस लेने में तकलीफ के साथ उल्टी व दस्त की भी शिकायत हो सकती है.

बच्चों की तकलीफ जड़ से समाप्त करती

बदलते मौसम के साथ बच्चों में होने वाली बीमारियों का होम्योपैथी में सटीक उपचार है. बच्चों के संक्रमण का कारण जानने के बाद उन्हें दवाएं दी जाती हैं. इसमें मुख्य रूप से संक्रमण से बचाव के लिए एकोनाइट, कफ के साथ सर्दी जुकाम में हेपरसेल्फ, फेरमफेस जबकि बुखार के लिए बेलीडोना की डोज देते हैं. इन दवाओं की मदद से बच्चों की तकलीफ जड़ से समाप्त हो जाती है.

ये सात सावधानियां महत्वपूर्ण
1- बिना डॉक्टरी सलाह के कोई भी दवा बिलकुल न दें
2- बच्चे की तकलीफ 24 घंटे से अधिक है तो चिकित्सक से मिलें
3- बच्चा जब खांसे तो नाक-मुंह पर रूमाल लगाएं
4- संक्रमण के बाद बच्चे को स्कूल बिलकुल न भेजें
5- बच्चे का कपड़ा बदलते रहें, शरीर को साफ करते रहें
6- बच्चे को जिस बर्तन में खाना पानी दे रहें उसे साफ रखें
7- यूरिन करता है तो तुरंत डायपर बदलें, संक्रमण नहीं होगा

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here