इस्लामिक मुल्क बंगलादेश में हिन्दू जज की दुर्दशा

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CAA पर जिस प्रकार से कांग्रेस ही नहीं बल्कि समाजवादी पार्टी व् अन्य कुछ राजनैतिक दल हंगामा मचाये हुए हैं उनको निश्चित तौर पर बंगलादेश में हिन्दुओ के इन हालातो को देखना चाहिए जहाँ पर आम हिन्दुओ की दुर्दशा तो दूर, उस हिन्दू जज का भी जीना हराम हो चुका है जो कभी वहां के मुख्य न्यायाधीश हुआ करते थे. अन्याय के शिकार इन मुख्य न्यायाधीश के साथ जो कुछ भी हो रहा है उसके बाद एक स्वर में ये मानने योग्य हो गया है कि इस्लामिक मुल्को के अल्पसंख्यको की रक्षा बहुत जरूरी है.

ध्यान देने योग्य है कि जिस देश में खुद न्यायाधीश ही अन्याय का शिकार हों वहां आम हिन्दू समाज की दुर्दशा का अंदाज़ा आराम से लगाया जा सकता है.बांग्लादेश के पहले हिंदु न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार सिन्हा के ख़िलाफ़ गिरफ्तारी का वारंट जारी किया गया है. निष्कलंक छवि के हिन्दू न्यायाधीश सुरेन्द्र कुमार सिन्हा को गबन के आरोप में फंसाया गया है और उनकी सुनवाई भी कहीं नही हो रही. अधिकारियों ने बताया कि न्यायधीश कायेश ने सुरेंद्र कुमार सिन्हा के ख़िलाफ़ धनशोधन के मामले में गिरफ्तारी के आदेश दिए है

सुरेंद्र कुमार सिन्हा बांग्लादेश के पहले हिंदु न्यायाधीश थे. वो जनवरी 2015 से नवंबर 2017 तक बांग्लोदश के 21 वें मुख्य न्यायाधीश रहे. फिलहाल 68 साल के सिन्हा अमरीका में रहते है. माना जाता है कि उन्होंने अमरीका से शरण मांगी थी. सिन्हा ने अपनी आत्मकथा “ए ब्रोकेन ड्रीम: रूल आफ लॉ, ह्यूमन राइट्स ऐंड डेमोक्रेसी’ में कहा है कि उन्हें 2017 में इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया था. सिन्हा के मुताबिक ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि उन्होंने बांग्लादेश के मौजूदा ‘अलोकतांत्रिक’ एवं ‘निरंकुश’ शासन का विरोध किया था.

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