लोकसभा और राज्यसभा टीवी को मर्ज करने की तैयारी

186

नई दिल्ली. संसद में लोकसभा और राज्यसभा टीवी चैनल को मर्ज करने की कवायद शुरू हो गई है. राज्यसभा सचिवालय के निर्देश पर प्रसार भारती के प्रमुख सूर्य प्रकाश की अध्यक्षता में छह सदस्यों की एक समिति गठित की गई है. यह समिति राज्यसभा टीवी और लोकसभा टीवी को मर्ज करने के संबंध में प्रस्ताव तैयार करेगी.

राज्यसभा टीवी ने वर्ष दो 2018 19 में 62 करोड़ रुपए खर्च किए हैं. राज्यसभा टीवी के कार्यालय के किराए में 31 करोड़ रुपए खर्च किए हैं. वहीं लोकसभा टीवी का संचालन संसद की पुस्तकालय बिल्डिंग से हो रहा है. राज्यसभा टीवी में 189 कर्मचारियों का स्टाफ है. वहीं लोकसभा टीवी में कुल 106 कर्मचारी हैं. तकनीकी उपकरणों के मान से राज्यसभा के पास टीवी के लिए बेहतर स्टूडियो है.राज्यसभा टीवी के चैनल के पास दो ओबी वैन और 10 लाइव व्यू बैकपैक है. लोकसभा टीवी समाचार प्रसारित नहीं करता है. वहीं राज्यसभा टीवी समाचार एवं साक्षात्कार भी लगातार प्रसारित करता है.

राज्यसभा में जब तक सभापति हामिद अंसारी थे. उस समय राज्यसभा टीवी को विपक्ष द्वारा संचालित टीवी चैनल माना जा रहा था. वर्तमान में एम वेंकैया नायडू के सभापति बनने के बाद अब राज्यसभा टीवी भी सरकार का चैनल माना जा रहा है. समिति दोनों टीवी चैनल को मर्ज करके खर्च कम करने और प्रसारण अलग-अलग चैनल के माध्यम से हो, या एक ही चैनल हो. दोनों चैनल प्रसारण के अलग-अलग टाइम स्लॉट में हो, इसको लेकर अनुशंसा करेगी.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here