Panga Trailer Review: मैदान पर मां की वापसी की कहानी में कंगना का दिखा करिश्मा

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डिजिटल रिव्यू: पंगा (ट्रेलर)
कलाकार: कंगना रनौत, जस्सी गिल, नीना गुप्ता, यज्ञ भसीन और ऋचा चड्ढा
निर्देशक: अश्विनी अय्यर तिवारी
निर्माता: फॉक्स स्टार स्टूडियोज
रेटिंग: ***1/2

13 साल पहले की एक दोपहर निर्देशक मोहित सूरी ने फोन पर अपनी पहली फिल्म वो लम्हे का ट्रायल शो देखने का जब न्योता दिया और कहा कि फिल्म की हीरोइन की अदाकारी आपको चौंका देगी, तो दिल्ली से मुंबई तक की उड़ान में कंगना रनौत नाम की नई अभिनेत्री अक्स ही आंखों के सामने तैरता रहा। तब से अपनी हर फिल्म में कंगना ने अपनी अदाकारी से चौंकाया ही है। वह हिंदी सिनेमा की एक ऐसी अभिनेत्री हैं, जिनको खुद को साबित करने के लिए बार बार पंगा लेना ही होता है। निर्देशक अश्विनी अय्यर तिवारी की फिल्म पंगा उनकी इस अभिनय यात्रा में एक नया मील का पत्थर साबित होती दिखती है।

नए साल में हिंदी सिनेमा की जिस नई उड़ान पर सबकी नजर है, उसमें जनवरी महीने में ही फॉक्स स्टार स्टूडियोज की छपाक के बाद पंगा भी शामिल हो गई है। पंगा का ट्रेलर सोमवार को रिलीज हुआ। ट्रेलर देखकर कहा जा सकता है कि देश के तमाम बच्चे अपनी मांओं को उनके सेकेंड चांस के लिए प्रेरित करने ये फिल्म दिखाने जरूर ले जाएंगे।

नितेश तिवारी कलम के बाहुबली है। अपनी पत्नी की फिल्मों के लिए वह रीढ़ की हड्डी का काम करते हैं। उन्हीं की लिखी फिल्म है, पंगा। एक कबड्डी खिलाड़ी की कहानी कहती पंगा की ट्रेलर की झलकियां बताती हैं कि ये एक मां के जज्बे को सलाम करने की कहानी है। जब जया निगम कहती है, ‘मैं एक मां हूं और मां के कोई सपने नहीं होते हैं।’ तो वह बस एक संवाद में शादी के बाद करियर को ताक पर रख देने वाली भारतीय महिलाओं का दर्द कैनवस पर उड़ेल देती है। फिर बेटा उम्मीद की किरण बनकर चहकता है, ‘तो क्या थर्टी टू में कमबैक नहीं होता।’

फिल्म निल बटे सन्नाटा और बरेली की बर्फी के बाद अश्विनी ने फिर मिडिल क्लास की एक कहानी बुनी है। इस बुनावट में कंगना ने अपनी अदाकारी की बढ़िया कसीदाकारी भी की है। पंगा की जया निगम जब कहती है, ‘कोशिश तो करने दे यार फिर से पंगा लेना है।’ तो दिखता है क्वीन की रानी मेहरा, तनु वेड्स मनु 2 की तनु और कुसुम के साथ साथ फैशन की शोनाली गुजराल फिर से हिम्मत और हौसला बटोर रही है। इस ढेरी को ऊंचा करने में जस्सी गिल, ऋचा चड्ढा और यज्ञ भसीन के अलावा नीना गुप्ता का भी दमदार हाथ लगा है। हिंदी सिनेमा की खेल फिल्मों में कबड्डी को केंद्र में लाकर पंगा ताजगी की एक नई खिड़की भी खोलती है।

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