नजूल भूमि के कब्जाधारियों को मिलेगा मालिकाना हक

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New Delhi: People jubilate with a Tricolour as they wait for IAF pilot Wing Commander Abhinandan Varthama's return to India in New Delhi, Friday, March 1, 2019. Varthaman, who was captured by Pakistan after his jet went down following a strike by an enemy missile, is expected to be released today. (PTI Photo/Arun Sharma) (PTI3_1_2019_000147B)

रायपुर । कांग्रेस की भूपेश सरकार ने विधानसभा चुनाव से समय जो 36 वादे किए थे, उसे तेजी से पूरा करते हुए आगे बढ़ रही है। सरकार की नजूल भूमि पर कब्जाधारियों को उनके जरूरत के हिसाब से न्यूनतम विकास शुल्क लेकर नियमितीकरण करने का निर्णय लिया है। लोगों को रोजी रोजगार से जोडऩे की और जरूरतमंद कब्जाधारियों को बसाने जा रही है। भूपेश सरकार के आवास और पर्यावरण मंत्री मोहम्मद अकबर ने हाल ही में एक समारोह में कहा था कि भूपेश सरकार 36 में से 22 वादे पूरे कर दिए है। यह एक साल की उपलब्धि है। इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए भूपेश सरकार प्रदेश में नजूल जमीन पर कब्जाधारियों न्यूनतम शुुल्क लेकर नियमित करने सौगात देने जा रही है। छत्तीसगढ़ सरकार अवैध कब्जे वाली सरकारी (नजूल) जमीन को खाली कराने के बजाय पट्टेधारियों को 600 स्क्वायर फीट जमीन महज विकास शुल्क लेकर ही नियमित कर देगी। इसके अलावा यदि किसी ने अधिक जमीन पर कब्जा कर लिया है तो 200 स्क्वायर फिट अधिक जमीन को कलेक्टर गाइडलाइन रेट के 152 प्रतिशत भाग देकर फ्री होल्ड कराया जा सकेगा। सरकार की योजना पर जल्द ही अमलीजामा पहनाया जाएगा। रायपुर नगर निगम के भीतर अभी तक 33 हजार झुग्गी बस्तियों और रसूखदारों के कब्जे सामने आए हैं। एक अनुमान के मुताबिक यदि लोग नजूल पट्टे की जमीन को फ्र्री होल्ड कराने के लिए यदि आगे आते हैं कि करीब 10 करोड़ रुपये तक की जिला प्रशासन को आमदनी होगी।

सालों से काबिज हैं उन्हें हटाया नहीं जाएगा : सरकार ने फैसला लिया है कि जो कब्जाधारी नजूल की जमीन पर सालों से काबिज हैं उन्हें हटाया नहीं जाएगा, बल्कि उनसे कलेक्टर गाइडलाइन रेट से 152 प्रतिशत रकम लेकरलेकर कब्जेधारी के नाम कर देंगे। यह नियम 20 अगस्त 2017 से पहले कब्जे वाली जमीन पर लागू होगा। इसके लिए प्रक्रिया लगभग की जा चुकी है। रायपुर में इसके लिए सर्वे भी पूरा किया जा चुका है। सरकार के नियम के अनुसार 600 स्क्वायर फिट तक की जमीन के लिए सरकार कोई अलग रकम नहीं लेगी सिर्फ विकास शुल्क देना पड़ेगा इसके अलावा की जमीन के लिए निर्धारित दर पर कीमत देकर फ्री होल्ड करा पाएंगे।

गूगल एप से पता लगाया जाएगा कि कब्जा कब हुआ : कब्जाधारी जब आवेदन देगा, तो गूगल एप से यह पता लगाया जाएगा कि जमीन पर कब्जा कब हुआ, उसके बाद बेचने या नीलाम करने का फैसला लिया जाएगा। अगस्त 2017 केबाद से हुए कब्जे को लेकर कोई फैसला नहीं हो पाया है। अधिकारियों के मुताबिक यदि जमीन में कब्जा विकास योजना के अनुरूप होगा तभी उसको नियमितीकरण करने की योजना है। योजना के तहत आवासीय और व्यावसायिक गाइडलाइन रेट से 152 प्रतिशत देना पड़ेगा। 10 रुपये प्रति स्क्वायर फिट के हिसाब से विकास शुल्क भी देंगे।

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