पूंजी बाजार में उतरने की एनएसई की योजना को अप्रैल 2019 में पूंजी बाजार नियामक ने छह माह के लिए रोक

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नई दिल्ली। देश के प्रमुख शेयर बाजार नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने सोमवार को कहा कि उसने अपने प्रारम्भिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिए पूंजी बाजार नियामक सेबी से संपर्क किया है और उम्मीद है कि इस साल सितंबर में आईपीओ बाजार में आ जाएगा।

एनएसई के प्रबंध निदेशक और सीईओ विक्रम लिमये ने कहा कि आईपीओ की मंजूरी लेने के लिए सेबी से संपर्क किया गया है। इसके बाद हम मर्चेंट बैंकर नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू करेंगे। मर्चेंट बैंकर आईपीओ के लिए दस्तावेज का प्रारूप तैयार करने में मदद करेगा। उन्होंने आगे कहा कि एक्सचेंज इस कैलेंडर वर्ष की तीसरी तिमाही में आईपीओ ला सकता है। हालांकि, सेबी से इसकी मंजूरी मिलने के बाद ही यह प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

लिमये ने कहा कि समूचा आईपीओ उसके शेयरों की बिक्री पेशकश के रूप में होगा। इस पेशकश में एक्सचेंज के मौजूदा शेयर धारक ही अपने शेयर बेचेंगे। देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने इस माह की शुरुआत में घोषणा की थी कि वह एनएसई में अपने 50 लाख शेयर बेचने का विचार कर रहा है। एसबीआई की एनएसई में 5.19 प्रतिशत हिस्सेदारी है। बैंक इसमें से 1.01 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर रहा है।

इससे पहले पूंजी बाजार में उतरने की एनएसई की योजना को अप्रैल 2019 में पूंजी बाजार नियामक ने छह माह के लिए रोक दिया था। सेबी ने एनएसई को को-लोकेशन मामले में 625 करोड़ रुपए से अधिक राशि 12 प्रतिशत ब्याज के साथ लौटाने को कहा। उसके बाद से ही एनएसई का बाजार में सूचीबद्ध होने का कार्यक्रम अटका हुआ है। सेबी ने को-लोकेशन मामले में एक्सचेंज और उसके शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ जांच शुरू की थी।

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