अब इराक ने डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ खोला मोर्चा

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इराक की संसद में सैन्य ठिकानों से अमेरिका के सैनिकों को हटाने के लिए मतदान होने की संभावना है. अमेरिका के हमले में ईरान के कुद्स फोर्स के प्रमुख मेजर जनरल कासिम सुलेमानी की मौत के बाद तेहरान समर्थक गुटों से इन सैन्य ठिकानों पर हमले की आशंका बढ़ गई है. वहीं, डोनाल्ड ट्रंप की धमकी पर ईरान की सेना ने कहा कि अमेरिका में लड़ाई शुरू करने की हिम्मत नहीं है.

कातिब हिजबुल्ला धड़े का कहना है कि हम देश में सुरक्षाबलों से रविवार शाम पांच बजे से अमेरिकी बेस से कम से कम एक किलोमीटर दूर चले जाने को कहते हैं. संयोग से समय सीमा ऐसे वक्त निर्धारित की गई है, जब रविवार को संसद सत्र का समापन होगा, जिसमें अमेरिकी सैनिकों को देश से बाहर करने के लिए मतदान हो सकता है.

इस्लामिक स्टेट जिहादी समूह के उभार को रोकने के लिए स्थानीय सैनिकों को प्रशिक्षित देने के लिए इराकी बेस में करीब 5200 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं. इन सैनिकों की तैनाती व्यापक अंतरराष्ट्रीय गठबंधन के तहत हुई थी, जिन्हें इराकी सरकार ने आईएस को इराकी क्षेत्र से खदेड़ने में मदद के लिए 2014 में बुलाया था.

हाशेड के शिया बहुल धड़ों का ईरान के साथ करीबी संबंध है और यह संगठन कई महीनों से अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी का विरोध कर रहा है. इराक की 329 सदस्यीय संसद की कार्यवाही स्थानीय समयानुसार अपराह्न एक बजे से शुरू होगी और कार्यसूची का कोई प्रकाशन नहीं हुआ है, लेकिन सांसद विदेशी सैनिकों पर वोटिंग कराना चाहते हैं.

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