उद्योगपति का चौथे दिन भी नहीं मिला सुराग

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रायपुर। सिलतरा के उद्योगपति प्रवीण सोमानी के गायब होने के 52 घंटे बाद धरसींवा पुलिस ने शुक्रवार रात करीब 9.30 बजे अपहरण का केस दर्ज किया। लगातार दो दिन की पड़ताल में पुलिस को खुद से अपनी मर्जी से घर छोड़कर जाने के कोई सबूत नहीं मिले। कारोबारी का न तो कारोबार से संबंधित लेन-देन का कोई विवाद था और न ही कोई पारिवारिक झगड़ा। पुलिस ने मान लिया है कि कारोबारी का किसी पेशेवर गिरोह ने अपहरण किया है। पुलिस अफसरों को भी प्रवीण के अचानक गायब होने के पीछे कोई वजह समझ नहीं आ रही है।

आमतौर पर पेशेवर गिरोह पीडि़त के वाहन का उपयोग नहीं करते। वे जानते हैं कि गाड़ी से वे पकड़े जा सकते हैं। इस वजह से कारोबारी की कार उनके बिजनेस पार्टनर के परसूलीडीह स्थित ऑफिस के सामने छोड़कर चले गए। हालांकि परिजनों या किसी दोस्त को फिरौती को लेकर कोई फोन नहीं आया। इससे भी पुलिस की जांच उलझ गई हैं। अपहरण करने का मकसद पुलिस को समझ नहीं आ रहा है। सीएसपी उरला अभिषेक महेश्वरी ने बताया कि परिजनों की शिकायत पर पहले गुम इंसान की रिपोर्ट दर्ज कर कारोबारी की तलाश की जा रही थी। 24 घंटे बाद भी कारोबारी का पता नहीं चला तो पड़ताल के बाद बलपूर्वक अपहरण का केस दर्ज किया गया है। पुलिस को पड़ताल के दौरान कुछ अहम क्लू मिले हैं, उनकी तस्दीक की जा रही है। एक संदिग्ध कार कैमरे में दिखाई दिया है। उसके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

अपहरण का शक बिहारी गिरोह पर : सिलतरा के उद्योगपति प्रवीण सोमानी के अपहरण में पुलिस को बिहार के पेशेवर गिरोह पर शक है। गिरोह ने प्लानिंग के साथ पहले प्रवीण की रेकी कर उनकी दिनचर्या देखी। उसके बाद बुधवार की शाम 7 बजे जब उद्योगपति सिलतरा स्थित फैक्ट्री से निकलकर परसूलीडीह अपने कारोबारी मित्र के ऑफिस की ओर जा रहे थे, तब गाड़ी रोककर कब्जे में ले लिया। फैक्ट्री के सीसीटीवी कैमरे फुटेज में दो संदिग्ध कार प्रवीण की गाड़ी के पीछे नजर आईं थी। पुलिस को क्लू मिला है कि एक कार में उसे बिठाकर अपहरणकर्ता भाग निकले, जबकि दूसरी कार में बैठे गैंग के सदस्य उद्योगपति की कार छोडऩे परसूलीडीह आए। कार खड़ी करने के बाद वहां से भागते समय उनका मोबाइल वहीं झाडिय़ों में फेंक दिया, ताकि पुलिस को लोकेशन न मिले। शनिवार को पुलिस ने वह मोबाइल वहां खोज निकाला है।

पुलिस को संदिग्ध कार का फुटेज मिलने के साथ उसकी सीरीज भी दिख गई है। सीजी-10 सीरीज की कार धरसींवा से कवर्धा होकर चिल्फी घाटी की ओर जाते दिखी। पुलिस को अलग-अलग इलाके के फुटेज खंगालने के बाद संदिग्ध कार में दो साए दिख रहे हैं। कार घटना की रात कवर्धा के रास्ते चिल्फी घाटी की ओर जाते दिखी है। टोल में भी कार का फुटेज मिला है। इसलिए पुलिस की टीम कवर्धा के आसपास खोजबीन कर रही है।

एक टीम को बेमेतरा भेजा गया है। वहां के फार्महाउस, आश्रम और ऐसे मकानों की जांच की जा रही है, जो सुनसान इलाके में है। हालांकि पुलिस को ये भी शक है कि ये संदिग्ध कार पुलिस को गुमराह करने के लिए कवर्धा की ओर भेजी गई है। इस कार का फुटेज परसुलीडीह में शाम 6.35 बजे का मिला है। यही कार 25 मिनट बाद धनेली पुल के पास शाम 7 बजे दिखाई दी, लेकिन कार सिमगा से आगे नहीं गयी। बेमेतरा-कवर्धा की ओर मुड़ गई।

डीजीपी ने अफसरों से पूछा- कहां पहुुंची जांच : उद्योगपति अपहरण केस को लेकर डीजीपी डीएम अवस्थी ने आईजी डॉ. आनंद छाबड़ा, एसएसपी शेख आरिफ हुसैन, एएसपी को बुलाकर पूरी जानकारी ली और जांच के लिए कुछ आवश्यक निर्देश दिया है। डीजीपी ने बताया कि पुलिस सही दिशा में काम कर रही है। उन्हें कुछ क्लू मिला है। कारोबारी को सुरक्षित बचाने का प्रयास किया जा रहा है।

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