नक्सलियों ने जवानों पर दो ग्रामीणों की हत्या सहित मारपीट और लूट का लगाया आरोप

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सुकमा। बीते 12 दिसम्बर को सुकमा के तिम्मापुरम और मोरपल्ली के बीच हुए पुलिस नक्सलियों के बीच मुठभेड़ को नक्सलियों की दक्षिण बस्तर डिविजनल कमेटी ने फ़र्ज़ी मुठभेड़ बताया है, नक्सल प्रवक्ता विकास द्वारा जारी किए गए पर्चे में विकास ने लिखा है की चिंतलनार थाना क्षेत्र में सीआरपीएफ़, कोबरा कमांडो, एसटीएफ़ एवं डीआरजी के जवान दो दिनों के लिए ऑपरेशन पर निकले थे, जवानों के लिए पीएलजीए द्वारा तिम्मापुरम मोरपल्ली के बीच बुबीट्राप लगाया था जिसके चपेट में आने से डीआरजी का एक जवान घायल हो गया।

पर्चे में लिखा है ​कि उसी वक़्त पुलनपाड़ गाँव का सोड़ी नंदा अपने खेत से धान उठाकर ले जा रहा था और दारेली गाँव का मड़कम हिड़मा को घर से उठा ले गए, पुलिस पर जानबूझकर फ़ायरिंग कर दो ग्रामीणों की हत्या का आरोप नक्सलियों ने लगाया है। साथ ही नक्सलियों ने पेद्दाबोडकेल तिम्मापुरम दारेली और इत्तागुड़ा गाँवों पर हमला कर लोगों का दारू पैसा 47 नग मुर्गी लूटने का भी आरोप लगाया है।

नक्सल प्रवक्ता ने क्षेत्र के 25 से 30 ग्रामीणों की बेदम पिटाई कर बाद में छोड़ने का आरोप लगाया है, जवानों पर आरोप लगाते हुए तिम्मापुरम गाँव से मड़कम जोगा, माड़वी नंदा, दोरेली से 4 लोग एवं इत्तागुड़ा से 4 लोगों सहित दस लोगों को चिंतलनार पुलिस द्वारा अवैध हिरासत में रखने का आरोप लगाया है।

पूरे मामले पर नक्सलियों की दक्षिण बस्तर डिविजनल कमेटी ने कड़ी निंदा भी की है एवं पूरे मुठभेड़ में शामिल जवानों और अधिकारियों पर कड़ी कार्यवाही की माँग की गई है, मोरपल्ली तिम्मापुरम मुठभेड़ में शामिल जवानों के नामों का ज़िक्र करते हुए कभी माफ़ न करने की धमकी दी गई है।

तिम्मापुरम गाँव के ग्रामीणों ने डीआरजी एसटीएफ़ जवानों पर सर्चिंग के नाम पर आने एवं घरों में घुसकर लूटपाट करने का आरोप लगाया है, आरोप है कि 12 तारीख़ को जवान सर्चिंग पर आए थे और गाँव के घरों में घुसकर घर में रखे पैसे तक को नहीं छोड़ा और मुर्ग़े एंव घरों में रखे शराब को लूटने एवं ग्रामीणों से मारपीट करने का जवानों पर आरोप लगाया गया है।

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