Madhya Pradesh : नागदा में कोहरे से स्कूल वाहन और ट्रैक्टर की टक्कर, 12 बच्चे घायल

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नागदा। Madhya Pradesh शहर से लगभग 4 किमी दूर गांव परमारखेड़ी में कोहरे से एक स्कूल वैन व ट्रैक्टर की टक्कर हो गई। गनीमत रही घटना में किसी प्रकार की कोई बड़ी जनहानी नहीं हुई और बड़ा हादसा होते हुए टल गया। लेकिन दुर्घटना में 11 स्कूली बच्चे घायल हो गए। घटना के बाद गुस्साएं ग्रामीणों ने मार्ग को बंद कर बड़े वाहनों के यहां से आने-जाने पर प्रतिबंध लगाए जाने की मांग की। जानकारी के अनुसार एक वैन एमपी 13 टीए 3082 गांव किलोडिय़ा व परमारखेड़ी से 12 विद्यार्थियों को लेकर नागदा की ओर आ रही थी। सुबह 8 बजे गांव परमारखेड़ी से निकलते ही मार्ग पर सामने से आ रहे एक ट्रैक्टर ने उसे टक्कर मार दी और ट्रैक्टर चालक मौके से फरार हो गया। वैन चालक दिनेश पिता मोतीलाल गुर्जर निवासी गांव परमाखेड़ी ने बताया कि कोहरा अधिक होने से सामने से आ रहे वाहन नहीं दिख रहे थे, लेकिन ट्रैक्टर की आवाज सुन उसने वैन साईड में खड़ी कर दी, ट्रैक्टर चालक तेज गति से आया और खड़ी वैन में टक्कर मार दी। मौके पर बिड़लाग्राम पुलिस ने पहुंचकर पंचनामा बनाया और दोनों वाहनों को जब्त कर लिया।

यह बच्चे हुए घायल

दुर्घटना में छात्र हरिओम पिता चेनसिंह गुर्जर उम्र 12 वर्ष, तनू पिता दिनेश चावड़ा उम्र 8 वर्ष, जितेंद्र पिता अमृत उम्र 6 वर्ष, छात्रा पुष्पा पिता भगवती परामर उम्र 12 वर्ष, खुशी पिता भरत शर्मा उम्र 6 वर्ष सभी निवासी गांव किलोडिया, छात्र करण पिता मुकेश गुर्जर उम्र 8 वर्ष, हिमांशु पिता मुकेश चंदेल उम्र 11 वर्ष, रुपेश पिता ईश्वर उम्र 9 वर्ष, रोहित पिता दिनेश गुर्जर उम्र 8 वर्ष, छात्रा निकिता पिता मुकेश चंदेल उम्र 15 वर्ष, अंकिता पिता मदन गुर्जर उम्र 8 वर्ष सभी निवासी गांव परमारखेड़ी तथा चालक दिनेश घायल हो गया। दुर्घटना में हरिओम को अधिक चोट आई शेष को मामूली चोट आई। सभी को उपचार के लिए शासकीय अस्पताल ले जाया गया।

ग्रामीणों ने जताया विरोध

दुर्घटना की सूचना मिलते ही मौके पर गांव परमाखेड़ी के दर्जनों ग्रामीण एकत्रित हो गए और विरोध जताने लगे। ग्रामीणों को कहना था कि गांव में प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत निर्माण कार्य हुआ था। लेकिन इस पर प्रतिदिन भारी वाहन निकलने से मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। मार्ग पर जगह-जगह ईट भट्टे संचालित होने से प्रतिदिन ट्रैक्टर अधिक संख्या में ईट व राख लेकर निकलते है, कई भट्टे संचालकों द्वारा मार्ग पर ही राख के ढेर लगा दिए गए है। जिस कारण मार्ग पर आए दिन दुर्घटना होती है। ग्रामीणों ने पूरे मार्ग से ईट भट्टे हटाने व भारी वाहन पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है।

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