हवाईअड्डों से अवैध मुद्रा व हथियारों की हो रही तस्करी : पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट

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पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सिविल एविएशन अथॉरिटी (सीएए) के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि देश के हवाईअड्डों से अवैध मुद्रा, हथियार और अन्य वर्जित वस्तुओं (मादक पदार्थ भी) की तस्करी की जा रही है। शीर्ष अदालत ने विमानन अधिकारियों पर सख्ती बरतते हुए कहा कि संदिग्धों से ऐसे सामानों की बरामदगी करते समय कोई वीडियो रिकॉर्डिग भी नहीं की जाती है। डॉन न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने विमानन अधिकारियों से हवाईअड्डों पर उचित सुविधाओं की व्यवस्था न होने पर भी कड़ी नाराजगी व्यक्त की। इसके साथ ही अदालत ने सीएए महानिदेशक को निर्देश दिया कि एयरलाइंस के संचालन में सुधार से संबंधित रिपोर्ट दो सप्ताह के अंदर पेश की जाए।

सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश गुलजार अहमद की अध्यक्षता वाली तीन-न्यायाधीशों की पीठ ने सीएए प्रमुख को उड़ानों में देरी होने के मामलों में हवाईअड्डों पर यात्रियों को प्रदान की जाने वाली सुविधाओं के बारे में रिपोर्ट करने को भी कहा।

अदालत ने सीएए के वरिष्ठ अधिकारियों से कहा कि वह हवाईअड्डों के रखरखाव, संचालन और सामूहिक सुरक्षा के बारे में सूचित करें। इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने उड़ानों में देरी से संबंधित शिकायतों का विवरण और यात्रियों को प्रदान किए जाने वाले मुआवजे व कार्रवाई से संबंधित घटनाओं की संख्या पर भी रिपोर्ट पेश करने को कहा।

अदालत यात्रियों को अपना सामान लेकर जाने में असुविधा और उड़ानों में होने वाली देरी से संबंधित मामले में सुनवाई कर रही थी। इस दौरान सीएए के कार्यवाहक महानिदेशक तनवीर अशरफ भट्टी अदालत में उपस्थित नहीं थे। प्रधान न्यायाधीश ने उनकी अनुपस्थिति पर गंभीर नाराजगी व्यक्त की और अदालत में मौजूद सीएए के अधिकारियों को निर्देश दिया कि कार्यवाहक महानिदेशक को तुरंत अदालत में बुलाया जाए।

उन्होंने कहा कि हवाईअड्डों पर उचित सुविधाएं उपलब्ध नहीं है और आमतौर पर यात्रियों को उनकी उड़ानों में देरी होने पर जमीन पर बैठे देखा जाता है।

इस पर सीएए के एक अतिरिक्त निदेशक ने कहा कि न्यू इस्लामाबाद हवाईअड्डे पर सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं और हवाईअड्डों पर सुविधाओं में सुधार के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसके बाद प्रधान न्यायाधीश ने अधिकारी को फटकार लगाते हुए कहा कि वह हवाईअड्डों पर उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानते हैं, क्योंकि वह नियमित रूप से हवाई यात्राएं किया करते हैं।

प्रधान न्यायाधीश ने इस मामले पर एक निगरानी समिति भी गठित की है।

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