पीएमसीएच के कोरोना आइसोलेशन वार्ड में ड्यूटी लगाने पर रेडियोलॉजी विभाग के आठ जूनियर डॉक्टरों ने हंगामा किया। इस पर अधीक्षक ने सभी को सस्‍पेंड कर दिया

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पटना। पटना मेडिकल कालेज अस्पताल (पीएमसीएच) के कोरोना आइसोलेशन वार्ड में ड्यूटी लगाने पर रेडियोलॉजी विभाग के आठ जूनियर डॉक्टरों ने विरोध में मेडिसिन विभाग में बने कोरोना नोडल प्रभारी के कार्यालय में जमकर हंगामा किया। मेडिसिन विभाग के वरिष्ठ डॉक्टरों ने धक्का-मुक्की व अभद्रता के साथ कोरोना ड्यूटी से जूनियर डॉक्टरों के इनकार की शिकायत अधीक्षक से की। इस पर प्राचार्य डॉ. विद्यापति चौधरी और अधीक्षक डॉ. बिमल कारक ने संयुक्त रूप से आठों जूनियर डॉक्टरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश पारित कर दिया।

निलंबन पर अंतिम फैसला लेने के लिए पत्र की कॉपी स्वास्थ्य विभाग को भेजी गई है। निलंबित होने वाले डॉक्टरों में डॉ. जॉन, डॉ. कृष्ण कुमार ठाकुर, डॉ. रवि रंजन, डॉ. संदीप कुमार, डॉ. तरुण कुमार, डॉ. सुभाष कुमार, डॉ. पवन कुमार ओर डॉ. चंद्रभूषण सिंह शामिल हैं।

अधीक्षक डॉ. बिमल कारक ने बताया कि जूनियर डॉक्टरों के दुव्र्यवहार से कोरोना मरीजों के इलाज का समन्वय कर रहे मेडिसिन विभाग के वरीय डॉक्टर काफी नाराज थे। यदि जूनियर डॉक्टरों की कोई समस्या थी तो वे आकर मुझसे बात करते। लेकिन, कोरोना महामारी से निपटने में जो लोग समस्या खड़ी करेंगे, उनसे सख्ती से निपटा जाएगा। अनुशासनहीनता भविष्य में भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।  निलंबन अवधि में भी लगाई  ड्यूटी :

अधीक्षक ने कहा कि पीएमसीएच के इतिहास में जूनियर डॉक्टरों पर यह अबतक की सबसे बड़ी कार्रवाई है। सख्त संदेश देने के लिए इन डॉक्टरों से उसी आइसोलेशन वार्ड व फ्लू कॉर्नर में काम लिया जा रहा है, जहां तैनात करने पर उन्होंने अमर्यादित व्यवहार किया था। निलंबन के कारण इन पीजी छात्रों की छात्रवृत्ति पर भी रोक लग जाएगी। यदि निलंबन लंबा खिंचा तो कोर्स की अवधि पूरी नहीं होने पर परीक्षा देने से भी वंचित हो सकते हैं।

निलंबन के बाद आठ जूनियर डॉक्टरों ने अधीक्षक से माफी मांगी।  हालांकि, आदेश की कॉपी प्रधान सचिव को भेजने की बात कहते हुए अब उन्हीं के स्तर से अंतिम फैसला होने की बात उन्होंने कही। अधीक्षक ने कहा कि वह लोग अपनी ड्यूटी ढंग से करें, कार्य संतोषजनक होने पर उनके माफीनामा के आधार पर स्वास्थ्य विभाग से निलंबन वापसी का आग्रह किया जाएगा।

नर्सों ने भी इलाज से किया इन्कार : नेत्र रोग विभाग में बने आइसोलेशन वार्ड में भर्ती एक आशंकित रोगी का उपचार करने से शनिवार दोपहर नर्सों ने इन्कार कर दिया। वे मरीज से दोबारा कोरोना की जांच कराकर आने को कह रही थीं। जबकि, उस रोगी की पहली रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी थी। इसकी सूचना जब कोरोना नोडल प्रभारी डॉ. पूर्णानंद झा को मिली तो उन्होंने नर्सों पर कार्रवाई के लिए हेल्थ मैनेजर से नाम मांगे। हालांकि, इसके बाद नर्सों ने उपचार शुरू कर दिया।

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