सहपाठी छात्र को मारने पर डॉक्टर को मिली आजीवन कारावास की सजा

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जयपुर। मेडिकल परीक्षा की तैयारी करने के दौरान अपने सहपाठी छात्र की हत्या करने के मामले में कोर्ट ने आरोपी डॉक्टर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर सेशन न्यायाधीश संख्या तीन ने सीकर के एक छात्रावास में सात साल पहले हुई सनसनी खेज हत्या के मामले में निर्णय सुनाया है। दोषी डॉक्टर झुंझुनूं जिले के चिड़ावा कस्बा निवासी मोईन खान है।

मोईन 2012 में सीकर के एक कोचिंग संस्थान में मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी के दौरान एक छात्रावास में रहता था। छात्रावास में ही 29 मार्च को 2012 को गंगानगर निवासी छात्र वीरेन्द्र सिंह की गला घोंटकर हत्या कर दी थी। वीरेंद्र सिंह के पिता ने सदर थाने में मामला दर्ज करवाया था। पुलिस ने जांच के बाद हत्या के आरोप में सहपाठी मोईन खान को गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान पेश कर दिया। मोईन को बाद में जमानत मिल गई और मेडिकल की परीक्षा पास कर चिकित्सक बन गया। इसके बाद नूनिया पीएचसी में चिकित्सक नियुक्त भी मिल गई।

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