नागरिकता संशोधन विधेयक सोमवार को लोकसभा में पेश होगा

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नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार को लोकसभा में नागरिकता (संशोधन) विधेयक पेश करेंगे। इस विधेयक में पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से धार्मिक प्रताड़ना के कारण भारत आए गैर-मुस्लिम शरणार्थियों को देश की नागरिकता देने का प्रावधान है। कांग्रेस समेत कई विपक्षी पार्टियां इस विधेयक के विरोध में हैं।

सोमवार दोपहर बाद केंद्रीय गृह मंत्री शाह छह दशक पुराने नागरिकता कानून में संशोधन के लिए विधेयक पेश करेंगे। इसके बाद इस पर चर्चा होगी और संभव हुआ तो इसी दिन इसे लोकसभा में पारित कराया जाएगा। सोमवार के लिए लोकसभा की कार्यसूची में इस विधेयक का उल्लेख है। विधेयक में प्रावधान किया गया है कि पाकिस्तान, बांग्लादेश व अफगानिस्तान से 31 दिसंबर 2014 तक धार्मिक प्रताड़ना से तंग आ कर भारत आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी व ईसाई समुदाय के लोगों को अवैध अप्रवासी नहीं माना जाएगा और उन्हें भारत की नागरिकता दी जाएगी।

पूर्वोत्तर में विरोध शुरू

पूर्वोत्तर राज्यों में इस विधेयक का विरोध शुरू हो गया है। कई लोग व संगठन इसका यह कहते हुए विरोध कर रहे हैं कि यह 1985 के असम समझौता के प्रावधानों का उल्लंघन है। इस समझौते में तय हुआ था कि 24 मार्च 1971 तक के सभी अवैध अप्रवासियों को देश के बाहर किया जाएगा, भले ही वे किसी भी धर्म को मानते हों। नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेश ने 10 दिसंबर को पूर्वोत्तर में विधेयक के विरोध में 11 घंटे के बंद का आह्वान किया है।

बिल का पारित होना जिन्ना की सोच की जीत होगी : थरूर

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने नागरिकता (संशोधन) विधेयक का विरोध करते हुए कहा कि इसका संसद से पारित होना राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की सोच पर मोहम्मद अली जिन्न्ा की सोच की जीत होगी। उन्होंने कहा कि धार्मिक आधार पर नागरिकता प्रदान करने से भारत पाकिस्तान का हिंदुत्व संस्करण बन जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार एक समुदाय को देश से बाहर करना चाहती है। थरूर ने विश्वास जताया कि अगर यह विधेयक संसद के दोनों सदनों से पारित हो जाता है तो भी सुप्रीम कोर्ट की कोई भी पीठ भारत के संविधान भारत के संविधान के मौलिक सिद्धांतों के खुलेआम उल्लंघन की अनुमति नहीं देगी।

माकपा विधेयक में संशोधन का प्रस्ताव लाएगी : येचुरी

माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने रविवार को कहा कि उनकी पार्टी नागरिकता (संशोधन) विधेयक में दो संशोधन का प्रस्ताव लेकर आएगी। पार्टी विधेयक के मौजूदा स्वरूप के विरोध में है। पार्टी विधेयक के उन प्रावधानों को हटाने के लिए संशोधन प्रस्ताव लाएगी जिसमें नागरिकता धार्मिक आधार पर देने का प्रावधान किया गया है।

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