केंद्र सरकार ने मनरेगा को लेकर बड़ा फैसला लिया है। शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में महात्मा गांधी नेशनल रूरल एम्प्लॉयमेंट गारंटी एक्ट (MGNREGA) का नाम बदलकर ‘पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार योजना’ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। इसके साथ ही ग्रामीण परिवारों को मिलने वाले रोजगार के दिनों की संख्या 100 से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है।
सूत्रों के मुताबिक, इस फैसले से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने और आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है। यह योजना 2005 में शुरू की गई थी, जिसके तहत ग्रामीण परिवारों को हर वित्तीय वर्ष में न्यूनतम 100 दिनों के अकुशल मजदूरी वाले रोजगार की गारंटी दी जाती है। अब संशोधन के बाद लाभार्थियों को 25 अतिरिक्त दिनों का काम मिलेगा।
हालांकि, सरकार के इस फैसले पर विपक्ष ने सवाल खड़े किए हैं। वायनाड से कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने योजना का नाम बदलने को “अनावश्यक और खर्चीला” बताया। उन्होंने कहा कि नाम बदलने से सरकारी संसाधनों पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है और इसका कोई ठोस लाभ समझ में नहीं आता |
कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने भी सरकार पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि मोदी सरकार पिछले 11 वर्षों में कांग्रेस की शुरू की गई 32 से अधिक योजनाओं के नाम बदल चुकी है, ताकि उन्हें अपनी उपलब्धि के रूप में पेश किया जा सके। वहीं शिवसेना (UBT) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने इसे “डायवर्जन पॉलिटिक्स” करार दिया और कहा कि नाम बदलकर जनता का ध्यान असली मुद्दों से हटाया जा रहा है।
@Tanya Singh
Author: BiharlocalDesk
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