18वीं बिहार विधानसभा के पहले ही सत्र में शपथ ग्रहण समारोह कई कारणों से सुर्खियों में रहा। इस दौरान विशेष रूप से नवादा से जदयू विधायक विभा देवी का शपथ ग्रहण सबसे अधिक चर्चा का विषय बन गया। शपथ पढ़ते समय विभा देवी बार-बार अटकती रहीं और शब्दों का सही उच्चारण करने में असहज दिखाई दीं।
सदन में मौजूद अन्य सदस्यों और मीडिया की निगाहें लगातार उन पर बनी रहीं, क्योंकि वह कई प्रयासों के बाद भी शपथ की पंक्तियों को सहजता से नहीं पढ़ पा रही थीं।
विभा देवी ने शपथ पढ़ने की कई बार कोशिश की, मगर हर बार किसी न किसी शब्द पर रुकना पड़ गया। अंततः पास बैठी जदयू विधायक मनोरमा देवी ने उन्हें पंक्तियाँ समझाईं और उनके उच्चारण में मदद की। मनोरमा देवी की सहायता के बाद विभा देवी ने किसी तरह टूटे-फूटे शब्दों में शपथ ग्रहण पूरा किया।
सदन में उपस्थित कई विधायकों ने इस पूरे घटनाक्रम को ध्यान से देखा, और कुछ समय तक यह मुद्दा सदन में ही चर्चा का केंद्र बना रहा। उल्लेखनीय है कि विभा देवी बाहुबली नेता राजबल्लभ यादव की पत्नी हैं, जिस कारण उनका शपथ ग्रहण पहले से ही मीडिया फोकस में था।
शपथ ग्रहण के दौरान केवल विभा देवी ही नहीं, बल्कि बगहिया से भाजपा विधायक एवं राज्य की पूर्व उपमुख्यमंत्री रेणु देवी भी गलती कर बैठीं। शपथ पढ़ते समय उन्होंने भी एक पंक्ति गलत पढ़ दी। जैसे ही स्पीकर ने गलती पकड़ ली, उन्होंने तुरंत रेणु देवी को रोका और उन्हें शपथ को सही तरीके से दोबारा पढ़ने का निर्देश दिया।
रेणु देवी ने फिर से शपथ ली और इस बार उन्होंने पूरा प्रारूप सही तरीके से दोहराया।
इस पूरे घटनाक्रम ने बिहार विधानसभा के पहले ही दिन शपथ ग्रहण को एक अलग ही रंग दे दिया। जहां एक ओर नए विधायकों में उत्साह दिखाई दिया, वहीं इन गलतियों ने राजनीतिक हलकों और सोशल मीडिया पर चर्चा को नई दिशा दे दी।
विशेषकर विभा देवी का बार-बार अटकना और दूसरों की मदद से शपथ पूरी करना, राजनीतिक विश्लेषकों और विपक्ष के बीच एक विषय बन गया है।
पहले सत्र के इस दृश्य ने यह भी दिखाया कि बिहार की राजनीति में नए चेहरे आने के बावजूद, सदन के कार्य संचालन की गंभीरता और शपथ की गरिमा को लेकर अभी भी कई सदस्यों को तैयारी और अभ्यास की आवश्यकता है।
@Tanya Singh
Author: BiharlocalDesk
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