आंख की चोट भी हॉकी खिलाड़ी रीना के हौसले को कम नहीं कर पाई

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पिछले साल अप्रैल में जिम सेशन के दौरान हुई एक दुर्घटना के कारण भारतीय महिला हॉकी खिलाड़ी रीना का करियर खत्म होने की कगार पर पहुंच गया था, लेकिन लड़ने की उनकी मजबूत इच्छाशक्ति ने उन्हें फिर से भारतीय टीम की जर्सी पहनने के लायक बना दिया है। मिडफील्डर रीना ने वर्ष 2017 में न्यूजीलैंड के खिलाफ मुकाबले से भारतीय टीम के लिए पदार्पण किया था।

चंडीगढ़ की रहने वाली रीना ने कहा, “मैं कुछ साधारण व्यायाम करने के लिए स्ट्रेच-बैंड का इस्तेमाल कर रही थी, लेकिन यह बैंड छूटकर मेरी बांई आंख में लग गया। यह सब इतनी जल्दी हुआ कि मुझे प्रतिक्रिया करने का समय ही नहीं मिला। उस समय मुझे नहीं लगा कि अगले चार महीने मेरे जीवन के सबसे बुरा समय होगा।”

वर्ष 2017 में पदार्पण करने के बाद से रीना भारतीय टीम में नियमित रूप से शामिल रहती थी। वह 2018 एशियाई खेलों में रजत पदक जीतने वाली भारतीय महिला हॉकी टीम का हिस्सा थी।

इसके अलावा वह इस साल एफआईएच महिला विश्व कप में भी खेली थीं। लेकिन 2019 में हुई उस घटना से पहले वह शानदार प्रदर्शन कर रही थी। इस चोट ने उनके ओलंपिक क्वालीफायर में भागीदारी पर प्रश्न चिह्न् लगा दिया।

26 वर्षीय रीना ने कहा, ” शुरू में डाक्टर ने कहा कि यह जल्द ही ठीक हो जाएगा, लेकिन एक महीने बाद भी दर्द जारी रहा। डाक्टर ने फिर सर्जरी की सलाह दी ताकि रेटिना हमेशा के लिये खराब नहीं हो जाए। यह खबर मेरे लिए बेहद निराशाजनक थी और मैं सिर्फ यही सोच रही थी कि मैं फिर से हॉकी खेल पाऊंगी या नहीं।”

उन्होंने कहा, ” मुझे काफी देर से भारतीय टीम में ब्रेक मिला। मैं लगभग 24 साल की थी जब मैंने भारत के लिए पदार्पण किया था। जूनियर स्तर पर मेरा अनुभव कम रहा है, इसलिए अगले एक साल में मैं वह सब कुछ करूंगी जिससे कि मैं खुद भारत की ओलंपिक टीम में शामिल होने के योग्य बना सकूं।

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