बिहार पुलिस में बड़ा बदलाव: सात साल बाद जोनल व्यवस्था की वापसी, पटना समेत 4 शहरों में IG-DIG की तैनाती
पटना: बिहार में पुलिस प्रशासन के ढांचे में बड़ा बदलाव किया जा रहा है। करीब सात साल बाद राज्य में जोनल पुलिस व्यवस्था को फिर से बहाल किया जा रहा है। इसके तहत पटना, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और भागलपुर में चार पुलिस जोन बनाए गए हैं। नई व्यवस्था के तहत इन जोन में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की तैनाती की जाएगी।
गृह विभाग ने इस व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए चार डीआईजी समेत कुल 20 नए पदों का सृजन किया है। इसके अलावा बेगूसराय में भी डीआईजी का नया कार्यालय खोलने की तैयारी है।
बिहार को चार पुलिस जोन में बांटा गया
नई व्यवस्था के तहत राज्य के 12 पुलिस रेंज को चार जोन में विभाजित किया गया है। प्रत्येक जोन में तीन-तीन पुलिस रेंज शामिल होंगे।
चारों पुलिस जोन के मुख्यालय इस प्रकार होंगे:
- पटना जोन: पटना सेंट्रल रेंज, मगध रेंज और शाहाबाद रेंज।
- मुजफ्फरपुर जोन: मुजफ्फरपुर-तिरहुत रेंज, चंपारण रेंज और सारण रेंज।
- दरभंगा जोन: दरभंगा-मिथिला रेंज, कोसी रेंज और सहरसा-पूर्णिया रेंज।
- भागलपुर जोन: भागलपुर ईस्टर्न रेंज, मुंगेर रेंज और मुंगेर-बेगूसराय रेंज।
रेल पुलिस को इस व्यवस्था से अलग रखा गया है।
IG और DIG अधिकारियों की होगी तैनाती
नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक जोन की कमान पुलिस महानिरीक्षक (IG) स्तर के अधिकारी के पास होगी। वहीं, पुलिस रेंज की जिम्मेदारी पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) स्तर के अधिकारियों के पास रहेगी।
इसके लिए गृह विभाग ने नए पदों का सृजन किया है। प्रशासनिक कामकाज को बेहतर बनाने के लिए जोनल कार्यालयों में भी अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी।
हर साल 3.46 करोड़ रुपये होंगे खर्च
नई व्यवस्था के लिए बनाए गए पदों पर सरकार को वेतन और भत्ते के रूप में सालाना लगभग 3.46 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे। इसके साथ ही पुलिस मुख्यालय और गृह विभाग की ओर से प्रशासनिक ढांचे को व्यवस्थित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
क्यों वापस लाई गई जोनल व्यवस्था?
गौरतलब है कि अगस्त 2019 में बिहार सरकार ने पुरानी जोनल पुलिस व्यवस्था समाप्त कर दी थी। इसके बाद राज्य में 12 पुलिस रेंज के आधार पर प्रशासनिक व्यवस्था संचालित की जा रही थी।
अब सरकार का उद्देश्य पुलिस प्रशासन की निगरानी को मजबूत करना, अपराध नियंत्रण में बेहतर समन्वय स्थापित करना और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में क्षेत्रीय स्तर पर जवाबदेही बढ़ाना है।
नई व्यवस्था से पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को अपने अधीन आने वाले जिलों और रेंज की निगरानी करने में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
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Author: Noida Desk
मुख्य संपादक (Editor in Chief)






