Delhi Police: ACP विवेक भगत के फर्जी AI वीडियो मामले में 24 वर्षीय युवक गिरफ्तार, मोबाइल बरामद

दिल्ली: ACP विवेक भगत को लेकर वायरल फर्जी AI वीडियो मामले में युवक गिरफ्तार
नई दिल्ली | 7 अक्टूबर 2026
दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने ACP विवेक भगत को लेकर सोशल मीडिया पर कथित तौर पर फर्जी और AI से तैयार वीडियो प्रसारित करने के आरोप में 24 वर्षीय नदीम अहमद अमीन को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी हरियाणा के पलवल का रहने वाला है और खुद को स्वतंत्र पत्रकार बताता है। 
क्या था वायरल वीडियो?
पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया पर एक वीडियो को CCTV फुटेज बताकर प्रसारित किया गया था। वीडियो में पुलिस वर्दी पहने एक व्यक्ति को महिला के साथ आपत्तिजनक व्यवहार करते हुए दिखाया गया था। वीडियो के साथ ACP विवेक भगत की तस्वीर, नाम और पद लगाया गया, जिससे ऐसा प्रतीत हो कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति वही अधिकारी है। पुलिस ने इसे फैब्रिकेटेड/AI-generated वीडियो बताया है। 
5 अक्टूबर को हरियाणा से गिरफ्तारी
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, साइबर पुलिस ने सोशल मीडिया अकाउंट की जांच के बाद आरोपी की पहचान नदीम अहमद अमीन के रूप में की। उसे 5 अक्टूबर को हरियाणा के मेवात क्षेत्र से पकड़ा गया। पुलिस ने उसके पास से वह मोबाइल फोन भी बरामद किया, जिसमें संबंधित Instagram अकाउंट लॉग-इन मिला था। फोन की गैलरी में भी कथित फर्जी वीडियो से जुड़ी सामग्री मिलने की बात पुलिस ने कही है। 
पुलिस के अनुसार, आरोपी @news_aaina0776 / News Aina Today नाम से Instagram न्यूज अकाउंट चलाता था, जिसे अप्रैल 2026 में शुरू किया गया था और उसके करीब 24 हजार फॉलोअर्स थे। �
The Times of India
FIR और आगे की जांच
इस मामले में 4 अक्टूबर को नई दिल्ली जिले के साइबर थाने में FIR दर्ज की गई। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि वीडियो बनाने और फैलाने में अन्य सोशल मीडिया अकाउंट या लोग शामिल थे या नहीं, तथा इसके पीछे किसी बड़ी साजिश या फंडिंग की भूमिका थी या नहीं। 
⚠️ एक महत्वपूर्ण बात
इस मामले में सबसे जरूरी तथ्य यह है कि फर्जी AI वीडियो का मामला और महिला पत्रकार द्वारा ACP विवेक भगत के खिलाफ लगाए गए कथित दुर्व्यवहार/यौन उत्पीड़न के आरोप अलग-अलग जांच हैं। फर्जी वीडियो पाए जाने से महिला पत्रकार की मूल शिकायत अपने-आप झूठी साबित नहीं होती। उस शिकायत की जांच अलग से क्राइम ब्रांच कर रही है। 
Asian Times 
AI और डीपफेक तकनीक के दौर में किसी भी वीडियो को बिना सत्यापन के शेयर करना गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है। किसी व्यक्ति की तस्वीर, नाम या पद को किसी आपत्तिजनक वीडियो के साथ जोड़कर प्रसारित करना उसकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए सोशल मीडिया यूजर्स को ऐसे कंटेंट को आगे बढ़ाने से पहले उसकी पुष्टि करनी चाहिए।

Noida Desk
Author: Noida Desk

मुख्य संपादक (Editor in Chief)

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