नालंदा: बिहार में वित्त रहित शिक्षा नीति को समाप्त करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शनिवार को नालंदा के अस्पताल चौक पर धरना-प्रदर्शन किया। राज्यव्यापी आंदोलन के तहत नालंदा 37वां जिला है, जहां वित्त रहित शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के समर्थन में प्रदर्शन किया गया।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आगामी 5 सितंबर को पटना में प्रस्तावित कफन यात्रा को सफल बनाने के लिए अधिक से अधिक शिक्षकों, कर्मचारियों और पार्टी कार्यकर्ताओं से शामिल होने की अपील की।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष विवेक सिन्हा ने कहा कि बिहार में वित्त रहित शिक्षा व्यवस्था को चार दशक से अधिक समय हो चुका है। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों के हजारों शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों ने सीमित संसाधनों में लाखों छात्रों का भविष्य संवारा, लेकिन उन्हें आज भी नियमित वेतनमान, सेवा सुरक्षा, पेंशन और स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल रहा है।
कांग्रेस सेवा दल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय यादव ने बताया कि इस मुद्दे पर राज्यव्यापी आंदोलन की शुरुआत 30 जून को अरवल से की गई थी। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन हजारों शिक्षक परिवारों के अधिकार, सम्मान और भविष्य से जुड़ा हुआ है।

आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में वित्त रहित डिग्री और इंटर कॉलेजों समेत अन्य शिक्षण संस्थानों का समायोजन, शिक्षकों-कर्मचारियों को नियमित वेतनमान और सेवा सुरक्षा, सेवानिवृत्त शिक्षकों को पेंशन तथा दिवंगत शिक्षकों के आश्रितों को सामाजिक सुरक्षा देना शामिल है।
इसके अलावा कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने और प्रखंड स्तरीय डिग्री कॉलेज योजना में पहले से संचालित वित्त रहित महाविद्यालयों को प्राथमिकता देने की मांग भी उठाई गई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि 5 सितंबर को पटना में होने वाली कफन यात्रा में नालंदा से बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे।
@MUSKAN KUMARI




