जमुई: बिहार के जमुई जिले से सरकारी जमीन और राजस्व रिकॉर्ड में कथित हेरफेर का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सोनो प्रखंड के डुमरी खास मौजा में गैरमजरुआ जमीन को कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के सहारे बेचने, जमाबंदी कायम कराने और ऑनलाइन रिकॉर्ड में जमीन का रकबा बढ़ाने के गंभीर आरोप लगे हैं।
मामले को लेकर डुमरी निवासी हीरा पांडेय उर्फ दिवाकर पांडेय ने सोनो अंचलाधिकारी को आवेदन देकर पूरे प्रकरण की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

शिकायत के अनुसार, डुमरी खास मौजा की खाता संख्या 180 और खेसरा संख्या 20 की 85 डिसमिल जमीन खतियान में गैरमजरुआ के रूप में दर्ज है। आरोप है कि बिना वैध अंचल आदेश और आवश्यक दस्तावेजों के इस जमीन पर जमाबंदी कायम कराई गई और बाद में कथित मिलीभगत से जमीन की बिक्री भी कर दी गई।
सबसे गंभीर आरोप ऑनलाइन राजस्व रिकॉर्ड में हेरफेर को लेकर लगाया गया है। शिकायतकर्ता का दावा है कि जमीन की बिक्री के बाद कथित तौर पर ऑनलाइन रिकॉर्ड में 85 डिसमिल के बजाय 1 एकड़ जमीन दर्ज कर दी गई। इसके लिए रिश्वत लेने का भी आरोप लगाया गया है।

हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। सोनो की अंचलाधिकारी निकिता कुमारी ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है और इसकी जांच की जा रही है। संबंधित कर्मचारी से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।
अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अब प्रशासनिक जांच के बाद ही साफ हो सकेगा कि गैरमजरुआ जमीन की जमाबंदी और ऑनलाइन रिकॉर्ड में कथित बदलाव किस आधार पर किया गया।
@MUSKAN KUMARI




