बेतिया: नेपाल में एक और झील टूटने की खबर के बाद बिहार के सीमावर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। पश्चिम चंपारण प्रशासन ने गंडक नदी के जलस्तर पर निगरानी बढ़ा दी है। इसी बीच बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग के मंत्री रत्नेश सादा ने बैरिया प्रखंड के बाढ़ प्रभावित और संवेदनशील इलाकों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया।
मंत्री ने पूजहा और सिंगही स्थित गंडक नदी घाटों के साथ घोड़हिया गंडक कार्यालय के समीप पहुंचकर अधिकारियों से जलस्तर, पानी के बहाव और संभावित बाढ़ की तैयारियों की जानकारी ली। इससे पहले उन्होंने जिला पदाधिकारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर हालात की समीक्षा भी की।

वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बराज से पानी के डिस्चार्ज पर लगातार नजर रखी जा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सुबह 8 बजे करीब 99,800 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जबकि सुबह 10 बजे डिस्चार्ज बढ़कर 1,02,200 क्यूसेक पहुंच गया।
नेपाल में लगातार बारिश, भूस्खलन और ग्लेशियल झीलों के टूटने की घटनाओं ने बिहार के सीमावर्ती जिलों की चिंता बढ़ा दी है। मंत्री रत्नेश सादा ने कहा कि फिलहाल गंडक नदी की स्थिति सामान्य है, लेकिन निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को पूरी तरह सतर्क रहने की जरूरत है।

प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें लगातार हालात की निगरानी कर रही हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत और बचाव की तैयारियां पूरी रखने का दावा किया गया है। स्थानीय लोगों से भी प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और जरूरत पड़ने पर तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई है।
@MUSKAN KUMARI




