राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के वरिष्ठ नेता और पार्टी के प्रमुख ब्राह्मण चेहरों में शामिल मृत्युंजय तिवारी के इस्तीफे के बाद बिहार की राजनीति में नई हलचल शुरू हो गई है। शुक्रवार को तिवारी ने RJD के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव अब्दुल बारी सिद्दीकी से मुलाकात की, जिसके बाद उनके इस्तीफे पर सस्पेंस और बढ़ गया है।
मुलाकात की पुष्टि करते हुए अब्दुल बारी सिद्दीकी ने बताया कि उन्होंने मृत्युंजय तिवारी को अपनी बात पार्टी नेतृत्व, लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के सामने रखने की सलाह दी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि तिवारी जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेंगे और लालू यादव से मुलाकात के बाद अंतिम निर्णय करेंगे।

गौरतलब है कि 16 जुलाई को मृत्युंजय तिवारी ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और सभी पदों से इस्तीफा देने का ऐलान किया था। उन्होंने पुराने और समर्पित कार्यकर्ताओं की उपेक्षा, आंतरिक कार्यशैली और संगठन में बढ़ती नाराजगी को अपने फैसले की वजह बताया था।
मृत्युंजय तिवारी वर्ष 2006 से RJD से जुड़े रहे हैं और 2014 में उन्हें पार्टी का प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी बनाया गया था। लंबे समय तक उन्होंने पार्टी का पक्ष मजबूती से रखा और RJD के प्रमुख मीडिया चेहरों में शामिल रहे।
अब राजनीतिक नजरें लालू प्रसाद यादव और मृत्युंजय तिवारी की संभावित मुलाकात पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि इस मुलाकात के बाद ही यह साफ होगा कि तिवारी RJD में बने रहेंगे या पार्टी से अलग होने के अपने फैसले पर कायम रहेंगे।
@MUSKAN KUMARI





